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इन्हें क्यो चाहिए ब्रा से आज़ादी..विदेशों में महिलाएं बाक़ायदा #NoBra और #FreeTheNipples जैसी मुहिम चला रही

नई दिल्ली।कोविड महामारी के चलते मैथिली, सिया और निशी जैसी तमाम नौकरीपेशा लड़कियों को घर से काम करने की वजह से ब्रा से आज़ादी मिल गई है। इसके लिए विदेशों में महिलाएं बाक़ायदा #NoBra और #FreeTheNipples जैसी मुहिम चला रही हैं।
जेनिफर लोपेज, रिहाना, केंडल जेनर, बेला हदीद, सेलेना गोमेज, किम कार्दाशियां जैसी जानी-मानी स्टाइल आइकन और हॉलिवुड स्टार्स तक जिसका हिस्सा हैं। इनका मानना है कि औरत का स्तन भी शरीर के बाकी हिस्सों की तरह ही महज़ एक अंग है। ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता और जेंडर इक्वॉलिटी के लिए हर साल 13 अक्टूबर को नो ब्रा डे भी मनाया जा रहा है।हालांकि जब-जब इन महिलाओं ने ब्रा-लेस होने की पैरवी की है या बिना ब्रा के लोगों के बीच जाने की हिम्मत दिखाई है, इन्हें काफी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा है। कोई इसे इनकी बेशर्मी क़रार देता है, तो फ़र्ज़ी फेमिनिजम। #NoBra अभियान शुरू करने वाली कोरियन पॉप स्टार सुली को तो इस कदर ट्रोल किया गया कि तनाव और निराशा में उन्होंने अपनी ज़िंदगी ही ख़त्म कर ली।महिलाओं की ब्रा-लेस होने की मांग की वजह कोई एक नहीं है। किसी के लिए यह चॉइस की बात है, तो किसी के लिए विशुद्ध कंफर्ट यानी आराम का मामला, क्योंकि घंटों कसे हुए ब्रा की कैद का कष्ट वही समझ सकता है, जिसने उसे भुगता हो। इसलिए, कोविड ने जब महिलाओं को घर से काम करने की आज़ादी दी, तो उन्होंने ख़ुद को ब्रा की इस कैद से भी आज़ाद कर लिया। अब बहुत-सी महिलाएं बिना ब्रा के ही घर में काम कर रही हैं। यहां तक कि कई बार तो वे बिना ब्रा पहने ही आसपास से सामान लेने भी चली जाती हैं। साभार नवभारत टाइम्स

2 thoughts on “इन्हें क्यो चाहिए ब्रा से आज़ादी..विदेशों में महिलाएं बाक़ायदा #NoBra और #FreeTheNipples जैसी मुहिम चला रही

  1. आखिर हमारा ही शोषण क्यो … पुरुष पर कोई पर्तिबंध नही … सब महिलाओ को ही झेलना होता है … यह आज़ादी मिलनी चाहिए

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