हत्या के मामले में महिला सहित सभी 8 हत्यारोपी बरी, साक्ष्य पेश नही कर पाया अभियोजन पक्ष

मुज़फ्फरनगर में हत्या के मामले में पांच साल बाद अदालत का फैसला आया। जिसमें सभी आठ आरोपी बरी कर दिये गये है। घटना पांच मार्च 2016 की है। जिसमें जानसठ क्षेत्र के ग्राम चित्तौडा में दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। जिसमें हुसैन अब्बास की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जानसठ कोतवाली पर आठ लोगों को नामजद कराते हुए ईशरत अली ने मुकदमा दर्ज कराया था। वरिष्ठ अधिवक्ता शाहबाज हसन ने बताया कि यह मामल अपर जिला जज प्रथम हिमांशु भटनागर की अदालत में चला। जहां अभियोजन पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। जिसके चलते साक्ष्य के अभाव में सभी नामजद आरोपी बरी कर दिये गये। उन्होंने बताया कि मुल्जिमान पक्ष की ओर से उन्होंने पैरवी की थी। इस मामले में वहीद उर्फ बाल्ला पुत्रा नत्थू, जब्बार, जाफर, बाकर, कर्रार, जर्रार, अबरार व नसरीन को बरी किया गया हैं।
गैगेस्टर को दो साल की सजा –रेलगाडि़यों में सफर कर रहे रेल यात्रियों के सामान की चोरी करने वाले गैंगस्टर के आरोपी के मामले की सुनवाई करते हुए विद्वान न्यायाधीश ने आरोपी रवि कुमार को दो वर्ष की सजा सुनाते हुए उसके ऊपर पांच हजार रूपये का जुर्माना भी किया। बुधवार को गैंगस्टर की विशेष अदालत के न्यायाधीश रामसुध सिंह की अदालत में चलती रेल गाडि़यों से सफर कर रहे यात्रियों का सामान चोरी करने वाले गैंगस्टर आरोपी रवि कुमार के मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह ने जोरदार पैरवी करते अपना पक्ष रखा और आरोपी को सजा सुनाने की मांग की। विद्वान न्यायाधीश रामसुध सिंह ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए गैंगस्टर आरोपी रवि कुमार को 2 वर्ष के कारावास के साथ पांच हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में चलती रेलगाड़ी से सफर कर रहे यात्रियों का सामान चुराने वाले गिरोह का मुजफ्फरनगर जीआरपी थाना प्रभारी इंदरजीत सिंह ने दो चोरों को गिरफ्तार कर पर्दाफाश किया था। रेलवे पुलिस ने इस मामले में पकड़े गए गैंग के मुखिया नौशाद व रवि कुमार पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।

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