खेतो की 20 साल की प्यास बुझी,रजवाहे में दौड़ा सिंचाई क़ो पानी

UP मे मुजफ्फरनगर जिले के भंडूरा क्षेत्र में किसानों के लिए यह शाम किसी त्योहार से कम नहीं रही। भंडूरा गांव से भंडूर पुलिस चौकी तक जाने वाले रजवाहे में करीब 20 साल बाद पानी पहुंचते ही किसानों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। सूखे पड़े रजवाहे में पानी की कल-कल सुनकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और एक-दूसरे को बधाई दी। कई किसानों ने कहा कि “लगता है, जैसे आज दीवाली हो।”

बताया गया कि करीब 20 वर्ष पहले भंडूर पुलिस चौकी के पास रजवाहे को बंद कर उसके ऊपर सड़क का निर्माण कर दिया गया था। इससे रजवाहे का आगे का हिस्सा पूरी तरह सूख गया और बेहड़ा अस्सा सहित आसपास के गांवों तक पानी पहुंचना बंद हो गया। शुरुआती हिस्से में तो कुछ पानी आता रहा, लेकिन आगे का क्षेत्र पूरी तरह सिंचाई से वंचित रह गया। इसके चलते किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती थी और वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था।
अशरफ खान 

( इन्ही के प्रयास से यह चमत्कार संभव हो सका )
अशरफ खान
लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का समाधान सिंचाई विभाग ने निकाल लिया। अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्रा के निर्देशन में एसडीओ प्रदीप कुमार और जेई अशरफ खान द्वारा भंडूर पुलिस चौकी के सामने से गुजर रहे बड़े रजवाहे (गर्बी रजवाहा) से भंडूरा रजवाहे को जोड़ने का कार्य किया गया। इस व्यवस्था के बाद पानी फिर से रजवाहे में बहने लगा और वर्षों से बर्बाद हो रहा पानी अब किसानों के खेतों तक पहुंचने लगा।

रजवाहे में पानी आते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने बताया कि अब गेहूं, गन्ना और सब्जियों की फसलों की सिंचाई आसानी से हो सकेगी। टैंकरों पर निर्भरता खत्म होगी और पानी को लेकर होने वाले विवादों से भी राहत मिलेगी। भंडूरा से भिक्की तक के खेतों के हरे-भरे होने की उम्मीद जगी है। रजवाहे के किनारे बच्चों की चहलकदमी और बुजुर्गों की दुआएं इस खुशी को बयां कर रही थीं।

बताया गया कि इस रजवाहे से करीब 10 गांवों के सैकड़ों किसान जुड़े हुए हैं, जो लंबे समय से पानी की सुविधा बहाल होने का इंतजार कर रहे थे। खाईखेड़ी–मोहम्मदपुर से शुरू होकर भंडूर तक फैले इस रजवाहे की लंबाई लगभग 30 किलोमीटर है।