आबू धाबी में आयोजित हुए इंटरनेशनल ओपन मास्टर्स गेम्स में लगाए सटीक निशाने

मुज़फ्फरनगर नगर के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ दानिश खान ने अबू धाबी में आयोजित इंटरनेशनल ओपन शूटिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित कराया है। गत 10 से 15 फरवरी के बीच आयोजित हुई शूटिंग प्रतियोगिता में डॉ दानिश खान ने 125 में से 113 अंक प्राप्त कर यह उपलब्धि हासिल की। उन्हें स्कीट मास्टर्स शूटिंग चैंपियन के खिताब से नवाजा गया। अबू धाबी से लौटे ऑर्थोपेडिक सर्जन ने खिताब को राष्ट्र के नाम समर्पित करते हुए कहा कि यह उनके मुल्क की मिट्टी और यहां की आब ओ हवा का परिणाम। कहा की उन्हें परिश्रम कर चैंपियन बनने की प्रेरणा देश के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति से मिली है।

डॉ दानिश खान ने बताया कि अबू धाबी में इंटरनेशनल मास्टर्स गेम्स संगठन की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में 92 देश के विभिन्न खेलों से संबंधित 25 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभा किया।
उन्होंने बताया कि स्कीट शूटिंग चैंपियनशिप में द्वितीय स्थान दिल्ली के हम्माद ने हासिल किया। जबकि ब्रॉन्ज मेडल यूएई के खिलाड़ी ने लिया।
एक साल पहले 67वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप पर जमाया था कब्जा कब्जा
डॉ. दानिश खान ने 1 वर्ष पहले दिल्ली के डॉक्टर करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित बताया शॉटगन प्रतियोगिता में भी गोल्ड मेडल जीता था। बताया कि गोल्ड मेडल हासिल करना उस समय उनके लिए एक सपने के पूरे होने जैसा था। वह उससे पहले पिछले 19 वर्षों से राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में भाग ले रहे थे।
शूटिंग के प्रति जुनून का सफर
डॉ. दानिश ने इंटरनेशनल प्रतियोगिता में जीते गोल्ड मेडल को अपने देश और परिवार के प्रति समर्पित किया। उन्होंने बताया, “मेरे मामू और मामू के बेटे ने मुझे शूटिंग का शौक दिया था। मुझे यह शौक मेरे ननिहाल से लगा और उन्होंने ही मुझे गन चलाने की शुरुआत सिखाई।” डॉ. दानिश का मानना है कि यदि किसी काम को करने की इच्छा और समर्पण हो, तो वह काम जरूर हासिल किया जा
सपनों को पूरा करने को की कठिन मेहनत
गोल्ड मेडल विजेता डॉक्टर दानिश खान ने बताया कि वह रोज अपने क्लीनिक के बाद दिल्ली में प्रैक्टिस करने जाते थे और फिर 12 बजे के बाद मुज़फ्फरनगर वापस आकर मरीजों को भी देखते थे। उन्होंने कहा, “अगर आप मेहनत करने के लिए और कुर्बानी देने के लिए तैयार है तो आप जो सोच सकते हैं वह कर भी सकते हैं।














