मुजफ्फरनगर। कातिल कितना ही शातिर क्यों ना हो! मगर सबूत रह जाता है। जिसके चलते वह खाकी के शिकंजे में फस ही जाता है। कुछ ऐसा ही यहा हुआ। तीसरी आंख ने कातिल को पकड़वा दिया।जनपद के शहर कोतवाली इलाके में पड़ने वाले एक ईंट के भट्टे पर चौकीदार की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में 2 घंटे में ही कातिल को अरेस्ट कर लिया गया है।
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गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली इलाके में पड़ने वाले गांव लकड़सधा में जितेंद्र नामक व्यक्ति का भट्टा है। बताया जा रहा है कि भट्ठे पर थाना चरथावल के क्षेत्र के गांव बुड्ढा खेडा निवासी 25 साल का अंकित कुमार पुत्र ओमवीर चौकीदारी करता था। अंकित कुमार रात अपनी ड्यूटी का अंजाम दे रहा था। सुबह जब लोग भट्ठे पर ईंट लेने के लिये पहुंचे तो गोली लगा हुआ शव मिला। शव पड़ा देख किसी ने पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद शहर कोतवाल आनंद मिश्रा अपनी क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भिजवा दिया। शहर कोतवाली पुलिस ने इस मामले को लेकर छानबीन शुरू करते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो एक संदिग्ध व्यक्ति रात में आता दिखाई दिया। घटना के लगभग 2 घंटे बाद शहर कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कातिल को हिरासत में ले लिया।
बहन पर नजर रखता था …मैने मार दिया.
पुलिस के द्वारा कड़ी पूछताछ के बाद कातिल रामकुमार उर्फ रामू पुत्र संजय निवासी लकड़संधा थाना कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर ने हत्या को अंजाम देने को स्वीकार करते हुए बताया कि मृतक अंकित कुमार उसके साथ ईंट भट्ठे पर काम करता था तथा मृतक का उसके घर आना जाना था। अभियुक्त रामकुमार उपरोक्त द्वारा बताया गया कि मृतक उसकी बहन पर बुरी नजर रखता था। इसी कारण से वह यानी रामकुमार उर्फ रामू, मृतक अंकित कुमार से रंजिश रखने लगा था तथा योजना बनाकर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस टीम में इंस्पेक्टर आंनद देव मिश्रा, किदवई नगर चौकी इंचार्ज रविन्द्र, खालापार चौकी इंचार्ज जयवीर सिंह, बुढ़ाना मोड चौकी इंचार्ज जोगेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर ललित कुमार एंव कोतवाली क्राइम ब्रांच टीम के तरुण पाल, रोहताश कुमार, मोहम्मद अलीम, राजीव कुमार, जितेंद्र त्यागी शामिल रहे।














