ईरान के सर्वोच्च इस्लामिक नेता अली खामेनेई की शहादत के बाद गम व गुस्से की लहर

मुज़फ्फरनगर। ईरान के सर्वोच्च इस्लामिक नेता अली खामेनेई की हवाई हमले में मौत की खबर के बाद देशभर में शोक और आक्रोश की लहर देखी जा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में भी शिया मुस्लिम समाज के लोगों ने जुलूस निकालकर गम और गुस्से का इजहार किया। प्रदर्शन के दौरान इज़राइल को आतंकी देश घोषित किए जाने की मांग भी उठाई गई।

शहर के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। जुलूस के दौरान लोगों ने काली पट्टियां बांधकर शोक व्यक्त किया और मृत आत्मा की शांति के लिए दुआएं कीं। कई स्थानों पर मजलिस और शोक सभाएं आयोजित की गईं, जहां वक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ बताया।
प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग की। जुलूस के मद्देनजर शहर में पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। अधिकारियों ने कहा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस दौरान समुदाय की ओर से एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए निर्दोष लोगों की हत्या रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई। ज्ञापन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति स्थापना और न्याय सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।

शिया समुदाय के नेताओं का कहना है कि खामेनेई को वे एक धार्मिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में देखते थे, इसलिए उनकी मृत्यु से समाज आहत है। वहीं प्रशासन ने सभी वर्गों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।