रोहतास में दम्पत्ति विवाद के बाद युवक का खौफनाक कदम, मंदिर में खुद को किया गंभीर रूप से घायल
बिहार के रोहतास जिले में दम्पत्ति के बीच हुए विवाद के बीच युवक विकास कुमार (25) ने गांव के बाहर बने मंदिर में धार दार हथियार से अपना प्राइवेट पार्ट काट डाला। यह पार्ट अलग हो गया था.. युवक को गंभीर हालत में वाराणसी रैफर किया गया है।
जिसको लेकर लड़ाई होती थीं.. वही हटा दिया
घायल विकास के परिजनों का कहना था की बेहोश होने से पहले उनका भाई बार बार यही कहता रहा की घर में जो लड़ाई की जड़ थीं, मैंने वही काट दी। दावा किया गया है की विकास जब भी अपनी पत्नि को सेक्स के लिए कहता तभी वह इंकार कर देती थीं। इसी तनाव में उसने यह कदम उठा लिया।
रोहतास (बिहार)। जिले के करगहर थाना क्षेत्र के कुसडिहरा गांव में पति-पत्नी के विवाद के बीच एक युवक द्वारा उठाया गया कदम पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। 25 वर्षीय विकास कुमार ने कथित तौर पर आवेश में आकर गांव के बाहर स्थित एक मंदिर में खुद को धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल कर लिया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया है।
घरेलू विवाद के बाद घर से निकला था युवक
जानकारी के अनुसार, विकास कुमार का अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। परिजनों का कहना है कि झगड़े के बाद वह काफी तनाव में था और असामान्य व्यवहार कर रहा था। कुछ देर बाद वह अचानक घर से निकल गया और गांव के बाहर स्थित मंदिर पहुंच गया।
मंदिर में पहुंचकर उठाया खतरनाक कदम
बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में उसने आवेश में आकर खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ ही देर में वह लहूलुहान हालत में वहीं गिर पड़ा।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे आनन-फानन में सासाराम के सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे वाराणसी रेफर कर दिया। फिलहाल वहां उसका इलाज जारी है।
परिजनों का दावा, तनाव में था युवक
घायल युवक के परिजनों का कहना है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। घटना से पहले भी वह बार-बार घर की समस्याओं को लेकर परेशान नजर आ रहा था।
मानसिक तनाव से जुड़ा हो सकता है मामला
चिकित्सकों के अनुसार, इस तरह की घटनाएं अक्सर अत्यधिक तनाव, गुस्से या भावनात्मक असंतुलन की स्थिति में होती हैं। ऐसे मामलों में समय रहते परामर्श और सहयोग बेहद जरूरी होता है।
इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग हैरान हैं। एक सामान्य घरेलू विवाद का इस तरह खतरनाक मोड़ लेना सभी को सोचने पर मजबूर कर रहा है।
ऐसी घटनाओ से बचा जा सकता है….
1. मानसिक तनाव और आवेश
ऐसे कदम आमतौर पर अचानक गुस्से, निराशा, या लंबे समय से चल रहे दबाव में उठाए जाते हैं। व्यक्ति उस समय तर्कसंगत सोच नहीं पाता।
2. वैवाहिक विवाद का गलत तरीके से बढ़ना
पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध को लेकर असहमति या तनाव हो सकता है, लेकिन इसका समाधान बातचीत, समझ या काउंसलिंग से होता है—न कि खुद को नुकसान पहुंचाकर।
3. “जड़ खत्म कर दी” जैसी सोच
यह बात दिखाती है कि युवक ने समस्या को बहुत सीमित और गलत तरीके से समझा—जैसे समस्या सिर्फ एक चीज़ है, जबकि असल में मामला भावनात्मक, मानसिक और रिश्तों से जुड़ा होता है।
4. समाज में जागरूकता की कमी
गांव या छोटे इलाकों में अक्सर मानसिक स्वास्थ्य, काउंसलिंग या रिलेशनशिप गाइडेंस की सुविधा या समझ कम होती है, जिससे लोग चरम कदम उठा लेते हैं।
ज़रूरी बात
ऐसे मामलों में मानसिक स्वास्थ्य मदद (काउंसलिंग) बहुत जरूरी होती है
परिवार और समाज को भी संकेत पहचानने चाहिए—जैसे अचानक गुस्सा, चुप्पी, अजीब व्यवहार
रिश्तों में समस्या हो तो बात करना, सलाह लेना ही सही रास्ता है














