मुजफ्फरनगर। आजाद समाज पार्टी के बैनर तले मेरठ रोड स्थित फूड वैली बैंकट हॉल में मंगलवार को आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व सांसद अमीर आलम खान के समर्थन में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया था, जो दोपहर तक जनसैलाब में तब्दील हो गया। सम्मेलन में पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश और स्थानीय सियासी हलचल साफ नजर आई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमीर आलम खान ने सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों और जनता की मांग को देखते हुए वह सदर सीट से चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से खुलकर राय देने की अपील की, जिस पर सभा में मौजूद समर्थकों ने तालियों और नारों से जोरदार समर्थन जताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ASP के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा करते हुए कहा कि आजाद समाज पार्टी की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पार्टी एक निर्णायक ताकत बनकर उभरेगी और बिना आजाद समाज पार्टी के किसी भी दल के लिए सरकार बनाना आसान नहीं होगा।
सम्मेलन की अध्यक्षता अनीस अंसारी ने की, जबकि संचालन सलीम कुरैशी ने किया। इस दौरान मंच पर मौजूद नेताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में जमकर नारे लगाए, जिससे पूरा माहौल उत्साह और जोश से भर गया।
सम्मेलन के दौरान अमीर आलम खान और विनय रतन सिंह का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। सभा स्थल पर बार-बार पार्टी समर्थन में नारे गूंजते रहे, जिससे माहौल पूरी तरह उत्साहपूर्ण बना रहा। नेताओं ने कहा कि दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों को राजनीतिक स्तर पर एकजुट होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, जनसंपर्क बढ़ाने और आगामी चुनावों की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। सम्मेलन के बाद जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है, खासतौर पर सदर सीट से अमीर आलम खान के चुनाव लड़ने के संकेत के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।
गौरतलब है कि अमीर आलम खान विधायक, लोकसभा और राज्यसभा सदस्य रहने के साथ-साथ मंत्री और वक्फ बोर्ड के चेयरमैन भी रह चुके हैं। सपा, लोकदल और बसपा जैसी प्रमुख पार्टियों में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद अब वह आजाद समाज पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं।














