मौलाना मूसा को मिली बड़ी जिम्मेदारी.. जमीयत सदभावना मंच के प्रदेश संयोजक नामित

UP मे मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र के ग्राम नंगला राई निवासी मौलाना मुहम्मद मूसा कासमी को जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश द्वारा एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन ने उन्हें जमीयत सद्भावना मंच का प्रदेश संयोजक (स्टेट कन्वीनर) नियुक्त किया है। इस संबंध में लखनऊ स्थित जमीयत कार्यालय से आधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी किया गया,
जारी पत्र में कहा गया है कि वर्तमान समय में देश और प्रदेश के सामाजिक हालात को देखते हुए आपसी भाईचारा, धार्मिक सौहार्द और विभिन्न वर्गों के बीच संवाद को मजबूत करना बेहद आवश्यक हो गया है। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के रचनात्मक कार्यक्रमों के तहत “जमीयत सद्भावना मंच” का गठन किया गया है। इस मंच का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है।
संगठन ने मंच की गतिविधियों को प्रदेश स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित करने, जिला इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करने और कार्यों के विस्तार के लिए एक सक्षम व सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता को महसूस किया। इसी के तहत प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती सैयद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने मौलाना मूसा कासमी के संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक सक्रियता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सद्भावना मंच के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यक्रमों, भविष्य की कार्ययोजना और प्रदेश संयोजक की विस्तृत जिम्मेदारियों के संबंध में शीघ्र ही औपचारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद प्रदेशभर में मंच की गतिविधियों को संगठित और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
मौलाना मूसा कासमी वर्तमान मेंशिक्षण संस्थान से जुड़े होने के साथ-साथ जमीयत उलेमा के पश्चिम उत्तर प्रदेश में सचिव पद की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। वे लंबे समय से सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं।
उनकी इस नियुक्ति से क्षेत्र के लोगों, संगठन पदाधिकारियों और समर्थकों में खुशी की लहर है। सभी ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में “जमीयत सद्भावना मंच” प्रदेश में सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने और विभिन्न समुदायों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

जमीयत सद्भावना मंच: भाईचारे की नई पहल, समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी

जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से संचालित “जमीयत सद्भावना मंच” आज के समय में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने की एक अहम कड़ी बनता जा रहा है। मंच का उद्देश्य समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच संवाद स्थापित करना, गलतफहमियों को दूर करना और शांति का माहौल बनाना है।
प्रदेश संयोजक जैसे पद पर नियुक्ति इस बात का संकेत है कि संगठन अब गांव-गांव और शहर-शहर तक अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। मौलाना मूसा को यह जिम्मेदारी दिए जाने के पीछे संगठन की यही मंशा मानी जा रही है कि प्रदेश स्तर पर समन्वय और सक्रियता को और तेज किया जाए।
सद्भावना मंच समय-समय पर सर्वधर्म संवाद कार्यक्रम, सामाजिक जागरूकता अभियान व शिक्षा और शांति से जुड़े आयोजन
के जरिए समाज में सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश करता है।
बैकग्राउंडर
जमीयत उलेमा-ए-हिंद: आज़ादी से लेकर आज तक अहम भूमिका
देश की प्रमुख धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं में शामिल जमीयत उलेमा-ए-हिंद का इतिहास काफी पुराना और प्रभावशाली रहा है।
👉 स्थापना: 1919
👉 मुख्य उद्देश्य:

देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना
शिक्षा और सामाजिक सुधार
धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा
आज़ादी की लड़ाई में योगदान
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके कई प्रमुख नेताओं ने महात्मा गांधी के साथ मिलकर देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया।
सामाजिक कार्यों में सक्रियता
आज भी संगठन कई क्षेत्रों में सक्रिय है:
दंगा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य
गरीब और जरूरतमंदों की मदद
शिक्षा संस्थानों का संचालन
कानूनी सहायता
सद्भावना की दिशा में पहल
हाल के वर्षों में संगठन ने “सद्भावना मंच” जैसे प्रयासों के जरिए हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है।
निष्कर्ष
मौलाना मूसा को प्रदेश संयोजक बनाए जाने को सिर्फ एक पदभार नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और भाईचारे के मिशन को आगे बढ़ाने का कदम माना जा रहा है।

उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने जताई खुशी
मौलाना मूसा को जमीयत सद्भावना मंच का प्रदेश संयोजक बनाए जाने पर उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने खुशी का इज़हार किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह नियुक्ति समाज में भाईचारे, आपसी सौहार्द और सकारात्मक संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौलाना मूसा अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता से संगठन की गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
संरक्षक असद फारुकी, डॉ० शमीमुल हसन, हाजी सलामत राही, ज़िला सदर कलीम त्यागी, तहसीन अली असारवी, हाजी शाहिद त्यागी, शमीम क़स्सार, मौलाना मूसा कासमी, डॉ. सलीम सलमानी, महबूब आलम एडवोकेट, डॉ. फर्रुख हसन, नदीम मलिक, डॉ. अकील, आफताब त्यागी, कारी सलीम मेहरबान, गुलफाम अहमद, शहजाद त्यागी, तोहिद, खलील अहमद, साजिद खान इम्तियाज़ अली, रईसुद्दीन राणा, साजिद त्यागी, इशरत त्यागी आदि ने खुशी का इज़हार किया।