पुरस्कृत शिक्षकों की समस्याओं और सुविधाओं पर मंथन, बीएसए कार्यालय में लगा सम्मान पट्ट


मुज़फ्फरनगर। राष्ट्रीय एवं राज्य अध्यापक पुरस्कृत शिक्षक वेलफेयर सोसाइटी, मंडल सहारनपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मुज़फ्फरनगर में किया गया। बैठक में शिक्षकों के सम्मान, अधिकारों, सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन राष्ट्रीय पुरस्कृत शिक्षक ब्रजपाल सिंह राठी ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सिंह उपस्थित रहे।
बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों ने अपने-अपने विचार रखते हुए शिक्षकों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। शिक्षकों ने केंद्र सरकार की तर्ज पर सेवा अवधि में तीन वर्ष की वृद्धि, व्यक्तिगत वेतन के स्थान पर एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि, सभी पुरस्कृत शिक्षकों के लिए डिजिटल पहचान पत्र जारी करने तथा टोल टैक्स, हाउस टैक्स और वाटर टैक्स में विशेष छूट जैसी सुविधाएं प्रदान किए जाने की मांग रखी। वक्ताओं ने कहा कि समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
बैठक के दौरान एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जनपद मुज़फ्फरनगर के सभी राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कृत शिक्षकों के नामों का एक शिलापट्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में स्थापित कराया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सिंह ने सम्मानित शिक्षकों की उपस्थिति में शिलापट्ट का अनावरण किया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा जगत के लिए गौरवपूर्ण कदम बताया और बीएसए का आभार व्यक्त किया।
मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सम्मानित शिक्षक समाज के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक सोच और ऊर्जा के साथ समाज एवं शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों जैसे निपुण भारत मिशन, इको क्लब और स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने में पुरस्कृत शिक्षकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सुझाव दिया कि जिले एवं मंडल स्तर पर नवाचारी शिक्षकों की टीमें गठित की जाएं, जो नई-नई शिक्षण विधियों और तकनीकों को विद्यालयों तक पहुंचाने का कार्य करें। बीएसए ने सेवानिवृत्त शिक्षकों से भी अपील की कि वे अपने अनुभव और ज्ञान का लाभ विद्यालयों को देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में योगदान जारी रखें। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षा विभाग का दरवाजा सम्मानित शिक्षकों के लिए सदैव खुला रहेगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।


बैठक में सोसाइटी के संरक्षक महावीर सिंह, मंत्री ऋषिपाल, मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार, शामली जिला अध्यक्ष अजय मलिक सहित बड़ी संख्या में राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कृत शिक्षक उपस्थित रहे। इनमें राजेंद्र भारसी, सीताराम, बृजपाल सिंह राठी, निर्मला जैन, जनेश्वर दास, सीता देवी, बृजबाला गुप्ता, प्रेम दत्त, स्वदेश चौधरी, तेजपाल सिंह, राजेश्वरी कौशिक, शकुंतला देवी, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, सतपाल सिंह, डॉ. सविता शर्मा, गीता रानी, अखलाक अहमद, रीना सिंह, डॉ. सोनिया कुमारी और हिदायतुल्लाह समेत अनेक शिक्षक शामिल रहे।

कार्यक्रम के संयोजक पूर्वी पाठशाला के पूर्व प्रधानाध्यापक सीताराम रहे। बैठक के अंत में शिक्षा एवं शिक्षक हितों से जुड़े विषयों पर आगे भी सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया गया।