मुहर्रम पर गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बने सलमान सईद, हनुमान चौक पर लगाई सबील

( इरशाद राणा )
मुजफ्फरनगर। 10 मोहर्रम पर कर्बला के शहीदों की याद में निकाले गए मातमी जुलूस के दौरान शहर में गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की एक सुंदर तस्वीर देखने को मिली। हनुमान चौक पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान सईद एवं सईद मुर्तजा परिवार की ओर से मातमी जुलूस में शामिल अकीदतमंदों की सेवा के लिए ठंडे पानी और कोल्ड ड्रिंक की सबील लगाई गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर शीतल पेय ग्रहण किया।
मंगलवार को निकला 10 मोहर्रम का मातमी जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से होते हुए जब हनुमान चौक पहुंचा तो वहां पहले से ही सबील की व्यवस्था की गई थी। काले लिबास में नौहाख्वानी और मातम करते हुए आगे बढ़ रहे अकीदतमंदों का स्वागत करते हुए उन्हें ठंडा पानी और शीतल पेय वितरित किया गया। सबील पर मौजूद लोगों ने पूरे श्रद्धाभाव और सेवा भावना के साथ जुलूस में शामिल लोगों की सेवा की।
इस अवसर पर सलमान सईद ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत केवल एक धर्म विशेष की नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सच्चाई, न्याय, सब्र और कुर्बानी का संदेश है। उन्होंने कहा कि मोहर्रम हमें अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने और मानवता की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में डटे रहने की सीख देता है।
सलमान सईद ने कहा कि मुजफ्फरनगर की पहचान हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के लिए रही है। यहां हर धर्म और समुदाय के लोग एक-दूसरे के पर्वों और धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। मोहर्रम के अवसर पर विभिन्न समुदायों द्वारा लगाई जाने वाली सबीलें इसी साझा संस्कृति और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में नफरत नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और इंसानियत की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता है। इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी हमें यही संदेश देती है कि सत्य और न्याय के लिए हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है।
सबील पर दिनभर अकीदतमंदों और राहगीरों को ठंडा पानी एवं शीतल पेय वितरित किया गया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द और मानव सेवा की प्रेरणादायक मिसाल बताया। यहां समाजसेवी हाजी जिया सिद्दीकी, अमान उल हक़, उबैद उर्र रहमान एडवोकेट, अनस नसीर, हसन आदि मौजूद रहे।

सेवा और सामाजिक सरोकारों से बनाई अलग पहचान, हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश करते रहे सलमान सईद

मुजफ्फरनगर me10 मोहर्रम के अवसर पर हनुमान चौक पर सबील लगाकर अकीदतमंदों की खिदमत करने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान सईद इससे पहले भी सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शहर में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। समय-समय पर उनके द्वारा आयोजित कार्यक्रम और जरूरतमंदों की मदद चर्चा का विषय रहे हैं।

सलमान सईद ने पिछले वर्षों में रमजान के दौरान सर्वधर्म इफ्तार पार्टी का आयोजन कर विभिन्न समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया। इसके अलावा होली के अवसर पर फूलों की होली और गर्मी के मौसम में मैंगो पार्टी जैसे आयोजनों के जरिए भी उन्होंने सामाजिक सौहार्द और आपसी मेलजोल का संदेश दिया। इन आयोजनों में शहर के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होते रहे हैं।

सामाजिक आयोजनों के साथ-साथ सलमान सईद जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए भी आगे आते रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। कई जरूरतमंद विद्यार्थियों की स्कूल फीस जमा कराकर उन्होंने उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद की।

इसी क्रम में शहर में चर्चित थप्पड़ कांड के पीड़ित बच्चे की शारदेन स्कूल की फीस भी सलमान सईद ने स्वयं जमा कराई थी। उस समय इस पहल की व्यापक सराहना हुई थी और इसे जरूरतमंद परिवार के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण माना गया।

मोहर्रम के अवसर पर लगाई गई सबील भी उनके इन्हीं सामाजिक प्रयासों की एक और कड़ी मानी जा रही है। उनका कहना है कि समाज में इंसानियत, भाईचारा और सेवा की भावना को मजबूत करना ही सभी धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का मूल उद्देश्य होना चाहिए।