कोई फल बांटता दिखा तों किसी ने शीतल पेय बाँटे.. कुछ लोग यहाँ दिन भर पुष्प वर्षा करते नज़र आए
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा क़े अंतिम चरण में धर्म प्रेमी शिव भक्तो की सेवा में जुटे रहे। कोई फल बांटता दिखा तों किसी ने शीतल पेय बाँटे। कुछ लोग यहाँ दिन भर पुष्प वर्षा करते नज़र आए। पूर्व राज्य मंत्री महेश बंसल ने कांवड़ यात्रा के दौरान परिवार सहित शिव चौक पहुंचकर शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा व फल वितरण करते हुए कहा की भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहां अतिथि और श्रद्धालु की सेवा को भी ईश्वर सेवा का स्वरूप माना जाता है। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या, अनुशासन और अटूट विश्वास का अद्भुत संगम है। कंधे पर कांवड़ उठाकर सैकड़ों किलोमीटर की कठिन यात्रा तय करने वाले शिवभक्त केवल यात्री नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास के दूत हैं। उन्होंने शिव मूर्ति की परिक्रमा कर रहे कांवड़ियों का श्रद्धाभाव से स्वागत किया और उन्हें फल वितरित किए। महेश बंसल ने कहा कि तपती गर्मी हो, तेज बारिश हो या फिर शरीर को थका देने वाली लंबी यात्रा, शिवभक्त हर परिस्थिति का सामना करते हुए अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहते हैं। पैरों में छाले और शरीर में थकान भले ही हो, लेकिन भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था और मन में बसा विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति देता है। रास्ते में गूंजता “बोल बम” का जयघोष उनके भीतर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है।इस अवसर पर उनकी पत्नी डौली बंसल, पुत्र देवांश, अमीश विनय गोयल, मेघा गोयल, राजेश्वरी देवी, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।












