BKU शिक्षक प्रकोष्ठ के विस्तार की कमान पांच सदस्यीय समिति को

राकेश टिकैत के निर्देश पर जहीर फारूकी ने गठित की समिति, पश्चिमी यूपी के जिलों में होगी संगठन की समीक्षा

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के शिक्षक प्रकोष्ठ को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और धार देने की तैयारी शुरू हो गई है। संगठन को गांव-गांव और जनपद स्तर तक मजबूत करने के लिए चौधरी राकेश टिकैत के निर्देश पर प्रदेश प्रभारी जहीर फारूकी ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को पश्चिमी यूपी में शिक्षक प्रकोष्ठ के संगठनात्मक विस्तार के साथ ही मौजूदा इकाइयों की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। समिति के सदस्य अलग-अलग जनपदों का दौरा कर स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे तथा संगठन की गतिविधियों की जानकारी जुटाएंगे।
समिति का खास फोकस उन जनपदों पर रहेगा, जहां अभी तक शिक्षक प्रकोष्ठ का गठन नहीं हो पाया है। ऐसे जिलों में स्थानीय स्तर पर पदाधिकारियों से संपर्क कर गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं जिन जिलों में प्रकोष्ठ पहले से गठित है, वहां उसकी सक्रियता, संगठनात्मक स्थिति और गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। इसके जरिए शिक्षक प्रकोष्ठ को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एकजुट और सक्रिय बनाने की कोशिश होगी।
प्रदेश प्रभारी जहीर फारूकी की ओर से गठित समिति में पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जनपदों से जुड़े पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति में शामली के जिला संरक्षक मोहम्मद इकबाल सैफी, अमरोहा के जिला संरक्षक पुरुजीत सिंह, मुजफ्फरनगर के शिक्षक प्रकोष्ठ के संस्थापक सदस्य एवं कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित तोमर, हापुड़ के जिलाध्यक्ष अंशु सिद्धू और बागपत के जिला महामंत्री लोकेश शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। पांचों सदस्य अपने-अपने अनुभव के आधार पर संगठन के विस्तार और समन्वय में भूमिका निभाएंगे।
समिति के सदस्य जनपदों में पहुंचकर स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षक प्रकोष्ठ की गतिविधियों को समझेंगे। संगठन में जहां किसी तरह की कमी या समन्वय की जरूरत होगी, वहां पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। नए जिलों में गठन के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय शिक्षकों और संगठन से जुड़े लोगों से संपर्क भी किया जाएगा। इससे संगठन को नए क्षेत्रों में विस्तार देने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
भाकियू की ओर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी पदाधिकारियों से समिति के सदस्यों का सहयोग करने की अपील की गई है। उन्हें समिति के दौरे के दौरान आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने को कहा गया है। संगठन का मानना है कि स्थानीय पदाधिकारियों के सहयोग से शिक्षक प्रकोष्ठ को ज्यादा प्रभावी तरीके से सक्रिय किया जा सकता है। समिति के गठन के बाद अब पश्चिमी यूपी में शिक्षक प्रकोष्ठ की गतिविधियों पर नजर रहेगी और अलग-अलग जनपदों में संगठन विस्तार की कवायद तेज होने की संभावना है।

संगठन की उपलब्धियों पर भी रहेगा फोकस..

भाकियू शिक्षक प्रकोष्ठ के विस्तार के साथ संगठन की अब तक की गतिविधियों और उपलब्धियों को भी जनपदवार परखा जाएगा। समिति के सदस्य पदाधिकारियों से संवाद कर यह जानेंगे कि संबंधित जिलों में शिक्षक प्रकोष्ठ ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को लेकर क्या पहल की, संगठन को कितनी मजबूती मिली और जमीनी स्तर पर उसकी सक्रियता कैसी रही। बेहतर काम करने वाली इकाइयों के अनुभवों को दूसरे जनपदों तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा। संगठन का उद्देश्य केवल नए जिलों में इकाइयों का गठन करना नहीं, बल्कि गठित इकाइयों को सक्रिय और प्रभावी बनाना भी है। इसी कड़ी में समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिक्षक प्रकोष्ठ की स्थिति का फीडबैक लेकर आगे की संगठनात्मक रणनीति तैयार करेगी।