मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में बनाए गए थे 16 परीक्षा केंद्र, 13 दिसंबर को होगा प्रतिभागियों का सम्मान

मुजफ्फरनगर। बच्चों को दीनी तालीम, इस्लामी इतिहास और पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब की जीवन शिक्षाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से मेस्को दधेडू की ओर से मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जनपदों में सीरत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दोनों जनपदों में बनाए गए 16 परीक्षा केंद्रों पर 1500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुजफ्फरनगर के मदीना चौक स्थित मूनलाइट पब्लिक स्कूल को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहां बड़ी संख्या में बच्चों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
मेस्को संस्था की ओर से आयोजित यह पांचवीं सीरत प्रतियोगिता थी। प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं से निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर इस्लामी इतिहास, सीरत-ए-नबी और धार्मिक शिक्षाओं से संबंधित प्रश्न पूछे गए। बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों के उत्तर दिए। सभी केंद्रों पर प्रतियोगिता को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
संस्था के सचिव मा० नईम अहमद ने कहा कि मेस्को का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व का नैतिक एवं चारित्रिक विकास करना है। बच्चों में अच्छे संस्कार पैदा करना, इंसानियत और आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना तथा उन्हें बुराइयों से दूर रखना संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और अच्छे आचरण का संदेश दिया है। संस्था चाहती है कि बच्चे इन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर अच्छे इंसान बनें और बड़े होकर देश के जिम्मेदार एवं सच्चे नागरिक साबित हों। इसी उद्देश्य से बच्चों को सीरत प्रतियोगिता के माध्यम से इस्लामी इतिहास और पैगंबर साहब की जिंदगी से रूबरू कराया जा रहा है। उन्होंने भविष्य में इस आयोजन को और अधिक व्यापक एवं बेहतर स्तर पर आयोजित करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों ने भी इस तरह के आयोजनों को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें स्कूली शिक्षा के साथ-साथ अपने धर्म, इतिहास और महान व्यक्तित्वों के जीवन से सीखने का अवसर मिलता है।
संस्था की ओर से जानकारी दी गई कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को आगामी 13 दिसंबर को आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाएगा।
प्रतियोगिता को सफल बनाने में मा० नईम अहमद, रियासत अली, साबिर अली, कलीम त्यागी, नदीम मलिक, मा० गालिब, मा० शाहनजर, मा० गय्यूर, इफ्तखार अहमद, तहसीन अली असारवी, डॉ. फर्रुख हसन, डॉ. शमीम उल हसन, मा० शहजाद अली, शहजाद अहमद, नुसरत (प्रधानाचार्य, मूनलाइट पब्लिक स्कूल), मा० अकबर अली, मा० मुशर्रफ अली, डॉ. रियाज अली, मा० अकरम अली, बाबू महताब अली, आफताब आलम एडवोकेट और मा० शमीम सांपला सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।












