‘अभाव’ की आग में तपकर बना जरूरतमंदों का सहारा, सोनू सूद ने हर्ष को किया सम्मानित

खुद गरीबी और संघर्ष के दिन देखे, तो दूसरों का दर्द बांटने का लिया संकल्प, एक साल से ‘हेल्पिंग एजेंडा’ के जरिए गरीब, असहाय और दिव्यांगों की कर रहे निशुल्क मदद
मुजफ्फरनगर।
कहते हैं कि संघर्ष इंसान को सिर्फ मजबूत ही नहीं बनाता, बल्कि दूसरों के दर्द को समझने की संवेदनशीलता भी पैदा करता है। जिंदगी में अभावों और आर्थिक परेशानियों का सामना करने वाला एक युवा आज हजारों जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। कभी खुद मुश्किल हालात से गुजरकर आगे बढ़ने वाले यूट्यूबर हर्ष राठी ने अपनी जिंदगी के अनुभवों को समाजसेवा का माध्यम बना लिया है। उनकी निस्वार्थ सेवा और मानवीय प्रयासों की गूंज अब बॉलीवुड तक पहुंच गई है। दिल्ली में आयोजित ‘भारत लीडरशिप 2026’ कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने हर्ष राठी को सम्मानित कर उनके सेवा कार्यों की सराहना की।
मंगलवार को मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में हर्ष राठी ने अपने संघर्ष, समाजसेवा के सफर और सम्मान से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर ‘हेल्पिंग एजेंडा’ नाम से एक पेज शुरू किया था। इसका मकसद सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करना नहीं, बल्कि उन लोगों तक मदद पहुंचाना था, जो आर्थिक तंगी और विपरीत परिस्थितियों के चलते अपनी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

गरीबी के दर्द ने दूसरों का सहारा बनने की दी प्रेरणा

हर्ष राठी ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में अभावों और आर्थिक परेशानियों को बेहद करीब से देखा है। गरीबी के दौरान इंसान किन परिस्थितियों से गुजरता है और छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे कितने संघर्ष करने पड़ते हैं, इसका उन्हें व्यक्तिगत अनुभव है। यही अनुभव उनके जीवन में समाजसेवा की प्रेरणा बना।
उन्होंने कहा कि जब उन्हें जिंदगी में आगे बढ़ने का अवसर मिला, तो उन्होंने अपनी जिंदगी का एक हिस्सा जरूरतमंदों की सहायता के लिए समर्पित करने का फैसला किया। वह नहीं चाहते कि किसी दूसरे व्यक्ति को भी उन कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़े, जिनका सामना उन्होंने अपने जीवन में किया है।
इसी सोच के साथ उन्होंने निशुल्क सहायता का अभियान शुरू किया। शुरुआत में सीमित स्तर पर शुरू हुई यह मुहिम धीरे-धीरे हजारों जरूरतमंदों तक पहुंचने लगी। हर्ष राठी का कहना है कि किसी जरूरतमंद की परेशानी को समझकर उसके जीवन में थोड़ा-सा बदलाव लाना भी बहुत बड़ी उपलब्धि है।

सोशल मीडिया को बनाया जरूरतमंदों की आवाज

‘हेल्पिंग एजेंडा’ के माध्यम से हर्ष राठी गरीब परिवारों, असहाय लोगों और दिव्यांग व्यक्तियों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझते हैं। जरूरतमंदों की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाकर उनकी सहायता करने का प्रयास करते हैं।
इस अभियान के तहत सहायता से जुड़े वीडियो इंस्टाग्राम पर प्रसारित किए जाते हैं, ताकि जरूरतमंदों की समस्याएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें और समाज के अन्य लोग भी मदद के लिए आगे आएं।
पिछले एक वर्ष में इस अभियान के माध्यम से हजारों जरूरतमंदों की सहायता करने का प्रयास किया गया है। हर्ष राठी का मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को छोटी-छोटी मदद देकर उनके जीवन की मुश्किलें कम की जा सकती हैं। उनकी कोशिश रहती है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खुद को अकेला महसूस न करे और विपरीत परिस्थितियों में उसे सहारा मिल सके।

सोनू सूद तक पहुंची सेवा कार्यों की गूंज, दिल्ली में मिला सम्मान

हर्ष राठी के लगातार किए जा रहे सेवा कार्यों और जरूरतमंदों की मदद से जुड़े प्रयासों की जानकारी बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद तक पहुंची। उनके मानवीय कार्यों से प्रभावित होकर सोनू सूद ने दिल्ली में आयोजित ‘भारत लीडरशिप 2026’ कार्यक्रम में हर्ष राठी को सम्मानित किया।
हर्ष राठी ने कहा कि सोनू सूद जैसी शख्सियत के हाथों सम्मान मिलना उनके लिए गर्व और भावुकता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी जरूरतमंद लोगों के संघर्ष और उम्मीदों का सम्मान है, जिनकी मदद करने का उन्हें अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि इस सम्मान से उनके भीतर समाजसेवा की भावना और मजबूत हुई है। भविष्य में भी वह इसी समर्पण के साथ जरूरतमंदों की सहायता करते रहेंगे।

लोकप्रियता नहीं, जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना मकसद
प्रेसवार्ता के दौरान मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव सोंटा निवासी हर्ष राठी अपने पिता परविंदर राठी के साथ मौजूद रहे। अपने संघर्ष और सेवा अभियान के बारे में बताते हुए हर्ष कई बार भावुक नजर आए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निशुल्क सेवा अभियान शुरू करने के पीछे उनका उद्देश्य सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि हासिल करना या सेलिब्रिटी बनना कभी नहीं रहा। उनका मकसद केवल उन लोगों की मदद करना है, जिन्हें वास्तव में सहायता की जरूरत है।

हर्ष राठी ने कहा कि यदि किसी मजबूर परिवार की परेशानी कम हो जाए, किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लौट आए और किसी असहाय व्यक्ति को यह एहसास हो कि मुश्किल समय में उसके साथ खड़ा होने वाला भी कोई है, तो उनके लिए यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।

सम्मान से बढ़ा हौसला, आगे भी जारी रहेगी सेवा की मुहिम

हर्ष राठी ने बताया कि उनका सेवा अभियान किसी पुरस्कार या सम्मान तक सीमित नहीं है। पिछले एक वर्ष से जारी इस मुहिम को वह भविष्य में भी निरंतर आगे बढ़ाना चाहते हैं। दिल्ली में सोनू सूद के हाथों मिला सम्मान उनके लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बना है।
उनका प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझें और सामर्थ्य के अनुसार उनकी सहायता करें। उन्होंने समाज के लोगों से भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।

हर्ष राठी का मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार किसी एक जरूरतमंद का सहारा बन जाए, तो समाज में बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।
अभावों से निकलकर दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने की हर्ष राठी की यह पहल समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है। यह बताती है कि दूसरों की मदद करने के लिए किसी बड़े पद, पहचान या संपत्ति की आवश्यकता नहीं होती। जरूरत होती है तो केवल संवेदनशील सोच और सेवा के सच्चे संकल्प की। खुद संघर्षों से गुजरकर दूसरों के जीवन में उम्मीद जगाने वाले हर्ष राठी आज समाजसेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आए हैं।