बंधक बनाए जाने के आरोप पर सुनवाई, पिता बोले—रोज दुकान पर जाता है बेटा; कोर्ट ने कहा- आरोप गंभीर
UP में शामली के चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिया है। आयुष के दोस्त मोहम्मद सुल्तान की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने युवक को 16 सितंबर को कोर्ट के सामने पेश करने का निर्देश दिया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि आयुष के पिता देवराज मलिक ने उसे बंधक बनाकर रखा है। हालांकि, पिता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आयुष रोज दुकान पर काम करने जाता है और उसे बंधक नहीं बनाया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन और देवराज मलिक को निर्देश दिया है कि तय तारीख पर आयुष को अदालत के सामने पेश किया जाए। कोर्ट ने कहा कि युवक को अवैध हिरासत में रखे जाने और इसमें जिला प्रशासन की भूमिका से जुड़े आरोप गंभीर हैं। इसलिए मामले की तत्काल सुनवाई जरूरी है। अब 16 सितंबर को आयुष के कोर्ट में पेश होने के बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
पहले भी सुर्खियों में रहा है मामला…
आयुष मलिक का मामला इससे पहले धर्मांतरण को लेकर सुर्खियों में आया था। मामले में आयुष के धर्म परिवर्तन और उसके बाद दोबारा सनातन धर्म में लौटने को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे। परिवार और आयुष से जुड़े लोगों के बयानों के कारण मामला लगातार चर्चा में रहा है।













