कश्मीर में स्थापित हो एम्स यूनानी : प्रो. मुश्ताक अहमद

श्रीनगर। ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस (जम्मू-कश्मीर) की महत्वपूर्ण बैठक सोपोर स्थित दारुलशिफा मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. मुश्ताक अहमद ने की। इस दौरान कश्मीर में प्रस्तावित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन (एम्स यूनानी) की स्थापना सहित यूनानी चिकित्सा पद्धति के विकास और चिकित्सकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत हकीम मोहम्मद अशरफ लोन ने तिलावत-ए-कलाम पाक से की। इसके बाद संगठन को मजबूत बनाने और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस जम्मू-कश्मीर के मुख्य संरक्षक डॉ. शौकत हुसैन ऐट्टू, पूर्व रजिस्ट्रार जम्मू-कश्मीर आयुष विभाग, ने प्रदेश अध्यक्ष हकीम मोहम्मद अशरफ लोन, प्रदेश महासचिव डॉ. मोहम्मद यूसुफ दीनथू और उनकी टीम के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में यूनानी चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार और विकास के लिए कार्य कर रही है।
बैठक में एनआईक्यू को पंजीकरण और क्लिनिकल प्रैक्टिस में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा हुई। हकीम मोहम्मद अशरफ लोन ने इन समस्याओं और उनके समाधान की जरूरत पर प्रकाश डाला। डॉ. शौकत हुसैन ऐट्टू ने वर्ष 2019 के बाद आरएमपी के हकदार होने के बावजूद पंजीकरण से वंचित रह गए एनआईक्यू के एक बार के पंजीकरण का रास्ता बंद होने से उत्पन्न समस्याओं की जानकारी दी।
बेरोजगार यूनानी चिकित्सकों के रोजगार पर चर्चा
बैठक में बेरोजगार बीयूएमएस और एमडी यूनानी चिकित्सकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। गवर्नमेंट यूनानी मेडिकल कॉलेज, गांदरबल में पर्याप्त और समर्पित पेशेवर कर्मचारियों की नियुक्ति पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कॉलेज में रिक्त पदों को जल्द भरने की आवश्यकता बताई।
मरीजों की बेहतर देखभाल और चिकित्सा व्यवस्था में समन्वय के लिए जनरल प्रैक्टिशनरों से विशेषज्ञ चिकित्सकों तक प्रभावी रेफरल सिस्टम विकसित करने पर भी विचार किया गया।
डॉ. मोहम्मद यूसुफ दीनथू ने ऐतिहासिक चिकित्सा पुस्तकों और साहित्य में कश्मीर के चिकित्सकों और हकीमों के योगदान को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कश्मीरी हकीमों के जीवन और उनकी सेवाओं को संकलित करने का भी प्रस्ताव रखा।
कश्मीर में एम्स यूनानी के लिए सरकार से पैरवी
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. मुश्ताक अहमद ने प्रस्तावित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन को कश्मीर में स्थापित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कश्मीर का यूनानी चिकित्सा पद्धति के इतिहास में विशेष महत्व रहा है। ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस इस संस्थान की कश्मीर में स्थापना के लिए भारत सरकार के समक्ष लगातार प्रभावी ढंग से पैरवी कर रही है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना की संभावनाएं बढ़ी हैं।
बैठक में संगठन के महासचिव डॉ. सैयद अहमद खान ने संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उनका पारंपरिक शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
बैठक के अंत में डॉ. शौकत हुसैन ऐट्टू ने राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों तथा अन्य गणमान्य लोगों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोहम्मद यूसुफ दीनथू ने किया।
बैठक में डॉ. जावेद अहमद गनाई, डॉ. मोहम्मद अशरफ, डॉ. नूर मोहम्मद, हकीम सनौबर खान, हकीम नजीर अहमद मीर, हकीम शौकत अली पीर, हकीम मयस्सर मोहिउद्दीन, मोहम्मद हुसैन मीर, हकीम आशिक इलाही, हकीम रईस अहमद तथा यूथ विंग के अध्यक्ष डॉ. अरसलान बेग सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।














