3200 करोड़ ₹ की ठगी के केस में लविश व एजेंटो पर FIR का जाल

दुबई से चला था ‘3200 करोड़ की ठगी का खेल’!

AI ट्रेडिंग, क्रिप्टो और हर महीने मोटे मुनाफे का लालच… देशभर में हजारों लोग बने शिकार, अब एक-एक कर खुल रही परतें

“हर महीने 5 से 15 प्रतिशत तक गारंटीड रिटर्न…” “AI आधारित Forex Trading…” “क्रिप्टो से करोड़पति बनने का मौका…”


इन्हीं बड़े-बड़े दावों के सहारे देशभर में कथित तौर पर अरबों रुपये की ठगी का जाल बिछाया गया। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड गाज़ियाबाद का मूल निवासी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली है..जो फिलहाल दुबई में बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश STF उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस तक जारी करवा चुकी है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि BotBro, Cross Market AI, MineCrypto, QFX Trade, Yorker FX (YFX), TLC Coin और BitNova जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए देशभर के लोगों से करीब 3200 करोड़ रुपये तक का निवेश जुटाया गया। शुरुआत में निवेशकों को समय पर रिटर्न देकर भरोसा बनाया गया, लेकिन बाद में निकासी बंद कर दी गई और प्लेटफॉर्म अचानक गायब होने लगे।

उत्तराखंड में दर्ज हुई नई FIR ने इस पूरे नेटवर्क की एक और परत खोल दी है। देहरादून के रायपुर थाने में दुर्गा बहादुर की शिकायत पर 6 एजेंटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लोगों को हर महीने 5 से 10 प्रतिशत तक रिटर्न का लालच देकर निवेश कराया गया। बताया गया कि सिर्फ देहरादून क्षेत्र से ही 20 से 25 करोड़ रुपये तक जुटाए गए।

इस मामले में जिन लोगों को नामजद किया गया है उनमें नवीन सिंह नेगी, दीपेश, जगपाल सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, अहिल कुमार और कमल सिंह शामिल हैं। आरोप है कि एजेंट गांव-गांव और शहर-शहर बैठकों के जरिए लोगों को जोड़ते थे। सोशल मीडिया पर लग्जरी लाइफस्टाइल, विदेशी ट्रिप और महंगी गाड़ियों के वीडियो दिखाकर भरोसा पैदा किया जाता था। निवेशकों को बताया जाता था कि उनका पैसा AI और Forex Trading में लगाया जा रहा है, जहां से हर महीने तय मुनाफा मिलेगा।


मुज़फ्फरनगर में कई शिकायती पत्र जाँच में.. जल्दी ही हो सकती है एजेंटो पर FIR

यह पूरा खेल UP के मुज़फ्फरनगर से शुरू हुआ था। यहाँ लविश के 100+ एजेंट ऐसे है जिन्होंने कई 100 करोड़ सिर्फ मुज़फ्फरनगर व शामली से ठगी करके लविश को थमा दिए। अब यह एजेंट फरार है। इनके खिलाफ पुलिस को मिले शिकायती पत्रों की जाँच चल रही है। कई बड़े नाम इन मुकदमो में शामिल हो सकते है।


गाज़ियाबाद में 32 लोगो पर हुई FIR…

इससे पहले उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी बड़ा मामला सामने आया था। ट्रॉनिका सिटी निवासी कारोबारी सुनील जैन ने लविश चौधरी समेत 32 लोगों पर 5.06 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। शिकायत के मुताबिक पीड़ित को “मैग्नेटिक जनरेटर” का पूरे देश में एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा दिया गया और करोड़ों रुपये की रकम निवेश करा ली गई।
गाजियाबाद में हुई FIR में लविश चौधरी उर्फ नवाब अली, राशिद अली, साजिद अली, प्रमोद सोलंकी, नवाब हसन, नसीम अहमद, डॉ. विजय कुमार, शांति स्वरूप, नारम चानू, पवन कुमार बारगोती, सीमा रानी, ऋषि चौरसिया, महेश कुमार विश्वकर्मा, आर्यन चौधरी, गौरव, संजय बेनीवाल, हिमांशु चौधरी, मोहित कुमार, राजू चौधरी, प्रदीप, मोहित जाट, शालिनी चौधरी और जेम्स समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, कई कंपनियों और संस्थाओं के नाम भी FIR में शामिल किए गए हैं। इनमें फिड्ड्सिया पात्रम प्राइवेट लिमिटेड, एड़टेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, भव्या एंटरप्राइजेज, दिविशी इंफोटेक OPC प्राइवेट लिमिटेड, आरवी एजुकेशनल ट्रस्ट और होलसेल डिपो जैसी संस्थाएं शामिल हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक इस नेटवर्क का तरीका बेहद सुनियोजित था। पहले लोगों को छोटे निवेश पर अच्छा रिटर्न दिया जाता था। जब भरोसा बढ़ जाता, तब निवेशकों से बड़ी रकम लगवाई जाती। पुराने निवेशकों को नए लोगों के पैसे से भुगतान किया जाता था ताकि स्कीम पर भरोसा बना रहे। जैसे ही करोड़ों रुपये जमा हो जाते, प्लेटफॉर्म बंद कर दिया जाता या नया नाम देकर दूसरी स्कीम लॉन्च कर दी जाती।

सबसे एक्टिव मोड़ में MP की STF…

मध्य प्रदेश STF इस मामले को देश के सबसे बड़े ऑनलाइन निवेश घोटालों में से एक मान रही है। STF का दावा है कि लविश चौधरी का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और उसके एजेंट अलग-अलग शहरों में सेमिनार आयोजित कर लोगों को जोड़ते थे। कई जगहों पर पांच सितारा होटलों में बड़े-बड़े कार्यक्रम किए गए, जहां निवेशकों को “फाइनेंशियल फ्रीडम” और “पैसिव इनकम” के सपने दिखाए गए।

ED भी इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। एजेंसी अब तक करीब 170 करोड़ रुपये की रकम और संपत्तियां फ्रीज कर चुकी है। जांच में यह भी सामने आया कि कई कंपनियों और फर्जी खातों के जरिए पैसे को इधर-उधर ट्रांसफर किया गया। दिल्ली, वेस्ट यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में छापेमारी हो चुकी है।

गोवा में भी करीब 7.36 करोड़ रुपये की कथित ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं तेलंगाना के खम्मम में पुलिस ने 2.73 करोड़ रुपये के ऑनलाइन निवेश घोटाले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहां भी जांच में BotBro, MineCrypto और YFX नेटवर्क का नाम सामने आया है।

अब देशभर में लगातार बढ़ती FIR और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस कथित 3200 करोड़ के नेटवर्क से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

पिछले माह भी हुई थीं FIR..

हरिद्वार में पैसे इन्वेस्ट करने पर मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों की ठगी के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हुआ था। बताया गया है कि लक्सर क्षेत्र के 250 से अधिक निवेशकों ने दस करोड़ से अधिक की रकम कंपनी में लगायी थी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

लक्सर निवासी अधिवक्ता विकास कुमार ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उन्होंने देहरादून और लक्सर क्षेत्र में रहने वाले एजेंटों के कहने पर बॉट ब्रो नामक कंपनी के ऑनलाइन प्लेटफार्म पर 10 लाख का निवेश किया था. एजेंटों ने उन्हें छह से सात फीसदी तक हर महीने मुनाफे की रकम उनके खाते में आने का विश्वास दिलाया था।

उनकी तरह ही लक्सर निवासी 40 से अधिक लोगों ने भी कंपनी में 47 लाख से अधिक की रकम लगाई थी. इसके अलावा 250 से अधिक लोगों ने दस करोड़ से अधिक की रकम कंपनी में लगाई है. कुछ समय तक उनके खाते में हर महीने मुनाफे की रकम आती रही, लेकिन इसके बाद कंपनी उन्हें दूसरी वेबसाइट पर माइग्रेट करती रही, लेकिन इस दौरान उन्हें कोई मुनाफा नहीं दिया गया।
इस पर उन्होंने इन्वेस्ट की गई अपनी रकम वापस मांगी तो एजेंट अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें रकम जल्दी मुनाफे के साथ उनके खाते में वापस दिलाने का झांसा देते रहे, लेकिन महीनों का समय बीतने के बाद भी उनके खातों में उनकी इन्वेस्ट की गई रकम वापस नहीं आई।

पीड़ित का आरोप है कि लविश चौधरी उर्फ नवाब अली, साजिद चौधरी, राशिद चौधरी, एजेंट राजकुमार, डॉ. हरिशंकर, नवीन नेगी, अनिल परदेशी, जगपाल व लक्सर निवासी दूसरे एजेंटों ने उनकी लाखों की रकम इन्वेस्ट कराने के नाम पर ठग ली। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।