युवा बेटी की लाश के साथ 4 माह तक रहा पिता.. बदबू फैली तो खुला राज़

UP के मेरठ से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो रिश्तों, मानसिक स्थिति और सामाजिक जिम्मेदारी—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
33 साल की अविवाहित प्रियंका बिस्वास की लाश उनके ही घर में मिली, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी मौत करीब 4 महीने पहले, 1 दिसंबर 2025 को ही हो चुकी थी। इसके बावजूद पिता ने न तो किसी को सूचना दी और न ही अंतिम संस्कार किया।
प्रियंका के पिता, 76 वर्षीय उदय भानु बिस्वास, शिक्षा विभाग से रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी हैं। 2010 में सेवानिवृत्ति के बाद वह मेरठ में दो कमरों के मकान में बेटी के साथ रह रहे थे। परिवार पहले भी एक त्रासदी झेल चुका था—करीब 13 साल पहले उनकी पत्नी शर्मिष्ठा ने घर में ही आत्महत्या कर ली थी।
बताया जा रहा है कि नवंबर में प्रियंका को पीलिया हो गया था। शुरुआती इलाज के बाद पिता उसे झाड़-फूंक के चक्कर में ले गए। 1 दिसंबर को प्रियंका की मौत हो गई, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया।
उदय भानु 5 दिसंबर तक उसी घर में बेटी के शव के साथ रहे। बदबू को छिपाने के लिए लगातार परफ्यूम का इस्तेमाल करते रहे। इसके बाद वह देहरादून चले गए और परिजनों को गुमराह करते रहे कि वह बेटी के साथ वहीं हैं।
करीब तीन महीने बाद, 10 अप्रैल को परिजनों को शक हुआ और उन्होंने उदय भानु को मेरठ में ही पकड़ लिया। घर लाकर दरवाजा खुलवाया गया। अंदर से तेज दुर्गंध आ रही थी। मास्क पहनकर जब लोग अंदर गए तो देखा—एक कमरे में प्रियंका का शव कंकाल में तब्दील हो चुका था। शव के ऊपर कबाड़ रखा हुआ था और कमरे में चारों ओर बोतलें व परफ्यूम फैले पड़े थे।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने उदय भानु को हिरासत में ले लिया है। अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर उन्होंने बेटी का अंतिम संस्कार क्यों नहीं किया और इतने लंबे समय तक इस घटना को छिपाए क्यों रखा।

कैसे खुला राज़..

चाय की दुकान पर बैठे युवती के पिता को उनके ही भतीजे विश्वजीत ने पहचान लिया। शक होने पर उसने तुरंत अन्य रिश्तेदारों को मौके पर बुला लिया।
रिश्तेदारों ने जब बेटी के बारे में पूछा, तो पिता ने बताया कि वह देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती है। हालांकि, उनके जवाब से संतुष्ट न होकर परिजनों को शक हुआ और उन्होंने सख्ती से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दबाव में पिता ने जो खुलासा किया, उसे सुनकर सभी के होश उड़ गए। उसने बताया कि उसकी बेटी की मौत करीब चार से पांच महीने पहले ही हो चुकी है और उसका शव घर के अंदर पड़ा हुआ है।
यह सुनते ही परिजनों ने तुरंत पुलिस को 112 नंबर पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर का ताला तुड़वाया और अंदर दाखिल हुई।
घर के भीतर का मंजर बेहद डरावना था। एक कमरे में युवती का सड़ा-गला शव बेड पर पड़ा मिला। शव काफी हद तक कंकाल में तब्दील हो चुका था। पूरे घर में कूड़े और रद्दी का ढेर लगा हुआ था, जबकि कमरे में तेज दुर्गंध फैली हुई थी, जिससे अंदर जाना भी मुश्किल हो रहा था।
पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाते हुए पिता को हिरासत में ले लिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इतने लंबे समय तक इस घटना को छिपाकर क्यों रखा गया।