श्रम विभाग ने श्रमिकों के लिए जारी की नई गाइड लाइन

श्रमिक को पेंशन से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक मिलेंगी कई सुविधाएं
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अहमद हुसैन

सरधना- मेरठ। प्रदेश में श्रम विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को आधार कार्ड और 90 दिन के कार्य अनुभव के साथ अब और भी सरल बनाया गया है। ताकि अधिक से अधिक पंजीकृत श्रमिक सरकारी योजनाओं जैसे पेंशन, इलाज और बच्चों की शिक्षा का सीधा लाभ उठा सकेंगे। यह जानकारी मेरठ कार्यालय के डिप्टी लेबर कमिश्नर राजेश मिश्रा तथा सरधना श्रम परिवर्तन अधिकारी शशिकांत पांडे ने संयुक्त रूप से दी। एक मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि पंजीयन के लिए आधार कार्ड और 90 दिन का काम अनिवार्य है पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई जैसी योजनाओं का लाभ प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाता है
उन्होंने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया को लेबर मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम से सरल बनाने किस दिशा में प्रदेश सरकार ने एहम कदम उठाया है जिस के चलते मेरठ सहित पूरे प्रदेश के समस्त जनपदों के निर्माण श्रमिक अपने आधार कार्ड और 90 दिन काम के आधार पर आसानी से अपना पंजीयन करा सकेंगे। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पंजीयन प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए श्रमिकों के पंजीयन पर जोर दे रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकें।
उपश्रम आयुक्त राजेश मिश्रा ने बताया कि
पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई, कौशल विकास और कन्या विवाह जैसी कई योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक एक करोड़ 71 लाख 36 हजार 963 निर्माण श्रमिकों और चार लाख 66 हजार 415 निर्माण स्थलों का पंजीयन किया जा चुका है। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में श्रमिक अब भी पंजीकरण से बाहर हैं, जिसके कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

इसे देखते हुए विभाग ने लेबर मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम के जरिए पंजीयन प्रक्रिया को और आसान बनाया है। साथ ही निर्माण स्थलों पर विशेष कैंप लगाकर भी पंजीयन कराया जा रहा है। बोर्ड के अनुसार 18 से 60 वर्ष आयु के ऐसे निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य किया है, वे पंजीयन के पात्र होंगे।

आधार कार्ड के माध्यम से होगा पंजीयन

श्रमिक अपने आधार कार्ड के माध्यम से आसानी से पंजीयन करा सकेंगे। पंजीकृत श्रमिकों के लिए कन्या विवाह योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना, जन आरोग्य योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, मातृत्व शिशु बालिका मदद योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन योजना, पंडित दीन दयाल उपाध्याय चेतना योजना और संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिनका लाभ बगैर किसी मध्यस्थ के पंजीकृत श्रमिकों को शत प्रतिशत दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शहरी या ग्रामीण क्षेत्र से श्रमिक श्रेणी में आता है वह पंजीकरण करा कर प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ अवश्य उठाएं, तहसील सरधना श्रम परिवर्तन अधिकारी शशिकांत पांडे ने बताया कि श्रम विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार पुत्री के विवाह हेतु अनुदान लेने के लिए शादी का क्षेत्रीय रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्टर्ड होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि
श्रम योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति द्वारा पैसे मांगने की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 18001805412 जारी किया गया है। जिस पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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