Reels वाली ‘हसीना’ निकली हनी ट्रेप गैंग की मेंबर.. इंटीमेट वीडियो से ब्लैक मेल

UP के संभल से सोशल मीडिया पर अपनी रील्स और ग्लैमरस अंदाज से लोकप्रिय एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर का कथित काला सच सामने आया है। संभल की रहने वाली एक M से अधिक फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर अरिशा पर एक युवक को प्रेमजाल में फंसाकर उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने और 55 हजार रुपये की वसूली करने का आरोप लगा है। पीड़ित शाहरुख़ की तहरीर पर संभल कोतवाली पुलिस ने इन्फ्लुएंसर समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित शाहरुख़


मोहल्ला चौधरी सराय निवासी 22 वर्षीय शाहरुख फास्ट फूड सेंटर का संचालन करते हैं। पीड़ित के मुताबिक करीब तीन साल पहले वह घूमने के लिए उत्तराखंड के नैनीताल गए थे। वहीं उनकी मुलाकात संभल के मोहल्ला दीपा सराय निवासी अरिशा से हुई। एक ही शहर का होने के कारण दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती नजदीकियों में बदल गई।

धोखे से बनाए आपत्तिजनक वीडियो..

शाहरुख का आरोप है कि इसी दौरान अरिशा ने उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसा लिया और नजदीकियों का फायदा उठाते हुए उनके कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिए। बाद में जब उन्हें अरिशा की गतिविधियों पर शक हुआ तो उन्होंने जानकारी जुटाई। इस दौरान उन्हें पता चला कि अरिशा अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर उनसे पैसे वसूलने का काम करती है।

55 हजार रुपये की वसूली का आरोप…

पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अरिशा से दूरी बनानी शुरू की तो उसने अपने साथी महमूद खां सराय निवासी अनस और शुऐब के साथ मिलकर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपियों ने उनसे 55 हजार रुपये वसूल लिए।
बताया जा रहा है कि पैसे देने के बाद दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी हुआ था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगातार और अधिक पैसे की मांग करते रहे। रोज-रोज की धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर शाहरुख ने शनिवार रात संभल कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई…

संभल कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर अरिशा, अनस और शुऐब के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और मोबाइल फोन, चैट, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सभी आरोप पीड़ित की शिकायत पर आधारित हैं और आरोपियों का पक्ष सामने आना बाकी है।