(ANIL SHARMA)
UP में मेरठ जनपद के मवाना क्षेत्र के ग्राम मवाना खुर्द में रविवार को गृह क्लेश और पारिवारिक तनाव के बीच एक 45 वर्षीय युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से गांव में मातम पसर गया। युवक का शव गांव के बाहर खेत में शीशम के पेड़ से लटका मिलने पर इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा युवक को नीचे उतारकर उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार मवाना खुर्द निवासी रामवीर पुत्र महावीर हिमाचल प्रदेश के शिमला में लोअर सिलाई का काम करता था। रविवार दोपहर करीब तीन बजे वह गांव के बाहर अमरीश त्यागी के खेत पर पहुंचा और वहां शीशम के पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। खेतों में काम कर रहे लोगों की नजर जब उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी। घटना की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
बताया गया है कि रामवीर पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा था। परिवार में लगातार हुए घटनाक्रमों ने उसे भीतर तक तोड़ दिया था। उसकी बेटी सलोनी की शादी बीती 25 अप्रैल को गढ़मुक्तेश्वर में हुई थी, लेकिन शादी की खुशियां अगले ही दिन मातम में बदल गईं, जब 26 अप्रैल को उसकी मां रति का निधन हो गया। परिजनों के मुताबिक इन घटनाओं के बाद से वह काफी परेशान और गुमसुम रहने लगा था।
रविवार को ही उसे वापस शिमला लौटना था, लेकिन उससे पहले उसने यह कदम उठा लिया। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक बेटी सलोनी और तीन बेटे सागर, कार्तिक व जय को छोड़ गया है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मवाना खुर्द में रामवीर की मौत से गांव गमगीन
मवाना खुर्द गांव में रविवार को उस समय हर आंख नम हो गई, जब जिस घर में कुछ दिन पहले बेटी की शादी की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा दिखाई दिया। 25 अप्रैल को रामवीर ने अपनी बेटी सलोनी को धूमधाम से विदा किया था, लेकिन शादी के अगले ही दिन उसकी मां रति का निधन हो गया। परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अब रामवीर की मौत ने पूरे घर को तोड़कर रख दिया।
ग्रामीणों के अनुसार रामवीर मेहनतकश और मिलनसार स्वभाव का व्यक्ति था। वह शिमला में सिलाई का काम कर परिवार का पालन-पोषण करता था। बेटी की शादी और मां की मौत के बाद वह काफी परेशान रहने लगा था। रविवार को उसे वापस शिमला जाना था, लेकिन उससे पहले ही उसने जिंदगी से हार मान ली।
घर में शादी के दौरान आई रौनक अब सन्नाटे में बदल चुकी है। बेटी सलोनी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि तीनों बेटे और पत्नी गहरे सदमे में हैं। गांव के लोगों का कहना है कि एक ही परिवार पर इतने कम समय में दुखों का पहाड़ टूटने से हर कोई स्तब्ध है।














