सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है — Cockroach Janta Party (CJP)।
मीम्स, राजनीतिक तंज, बेरोजगारी पर बहस और Gen Z की इंटरनेट भाषा के बीच शुरू हुई यह ऑनलाइन मुहिम अब देशभर में वायरल ट्रेंड बन चुकी है। दावा किया जा रहा है कि महज 3 दिनों में इस डिजिटल मूवमेंट से लाखों लोग जुड़ गए।
कैसे शुरू हुई ‘Cockroach Janta Party’?
पूरे विवाद की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद हुई। सोशल मीडिया पर यह बात तेजी से वायरल हुई कि बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की गई। इसके बाद इंटरनेट पर युवाओं के बीच नाराजगी फैल गई और उसी गुस्से को मीम्स व व्यंग्य के जरिए एक ऑनलाइन आंदोलन का रूप दिया गया।
16 मई को अभिजीत डिपके नाम के युवक ने X (ट्विटर) पर एक गूगल फॉर्म शेयर कर लोगों को “Cockroach Janta Party” से जुड़ने का न्योता दिया। शुरुआत मजाक के तौर पर हुई, लेकिन देखते-देखते यह डिजिटल कैंपेन वायरल हो गया।

कौन हैं अभिजीत डिपके?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत डिपके पहले सोशल मीडिया और पॉलिटिकल कम्युनिकेशन से जुड़े रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वॉलंटियर के रूप में काम किया था। फिलहाल वे अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं।
अभिजीत का कहना है कि यह सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि उन युवाओं की आवाज है जो खुद को सिस्टम द्वारा नजरअंदाज महसूस करते हैं।
आखिर ‘कॉकरोच’ नाम ही क्यों रखा गया?
पार्टी के संस्थापक का कहना है कि यह नाम प्रतीकात्मक है।
उनके मुताबिक, अगर व्यवस्था युवाओं को “कॉकरोच” समझती है, तो वही शब्द अब विरोध का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कॉकरोच को उस जीव से जोड़ा जो हर मुश्किल परिस्थिति में भी जिंदा रहता है।
पार्टी का टैगलाइन भी खूब वायरल हुआ:
“Voice of the lazy and unemployed”
3 दिन में लाखों फॉलोअर्स कैसे बढ़े?
सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इसकी वायरलिटी के पीछे कई कारण हैं:
बेरोजगारी और सिस्टम को लेकर युवाओं की नाराजगी
Gen Z की मीम कल्चर
इंस्टाग्राम रील्स और वायरल शॉर्ट वीडियो
राजनीतिक व्यंग्य का नया अंदाज
बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज का रिएक्शन
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पार्टी से कुछ ही दिनों में लाखों लोग जुड़ गए। कहीं 20 लाख सदस्य तो कहीं 60 लाख से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हो गए।
पार्टी का मैनिफेस्टो भी बना चर्चा का विषय
इस डिजिटल मूवमेंट ने मजाकिया अंदाज में अपना घोषणापत्र भी जारी किया, लेकिन उसमें कई गंभीर मांगें शामिल थीं:
महिलाओं को 50% राजनीतिक आरक्षण
दल बदलने वाले नेताओं पर 20 साल का बैन
रिटायर CJI को राज्यसभा न भेजने की मांग
चुनावी पारदर्शिता
फेक न्यूज फैलाने वालों पर कार्रवाई
यही वजह है कि कई लोग इसे सिर्फ मीम पेज नहीं, बल्कि युवाओं की नाराजगी का प्रतीक मान रहे हैं।
कैसे मिली हवा…
इस ट्रेंड को और हवा तब मिली जब कई नेताओं और सेलिब्रिटीज ने सोशल मीडिया पर इसका जिक्र करना शुरू किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से लेकर TMC सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद के पोस्ट वायरल हुए। वहीं फिल्ममेकर अनुराग कश्यप, कॉमेडियन कुणाल कामरा और कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी इस ट्रेंड से जुड़ते नजर आए।
क्या यह असली राजनीतिक पार्टी है?
फिलहाल Cockroach Janta Party चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी नहीं है। इसे अभी एक “satirical digital movement” यानी व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन माना जा रहा है।
हालांकि, इसकी लोकप्रियता ने यह जरूर दिखा दिया है कि आज की युवा पीढ़ी राजनीति पर अपनी नाराजगी जताने के लिए मीम्स, रील्स और इंटरनेट ट्रेंड्स का इस्तेमाल कर रही है।
यानी, यह सिर्फ एक वायरल नाम नहीं, बल्कि सोशल मीडिया दौर की नई “डिजिटल राजनीति” का उदाहरण बन चुका है।













