90 से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल हुआ लाभांश, मुख्यमंत्री योगी और खाद्य मंत्री का जताया आभार
मुजफ्फरनगर। उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों के कमीशन में बढ़ोतरी किए जाने पर राशन डीलरों में खुशी है। मंगलवार को उचित दर विक्रेता संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए आभार ज्ञापन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय का धन्यवाद जताया गया।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार ने उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। पहले कोटेदारों को 90 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब 125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। उन्होंने इसे कोटेदारों की लंबे समय से चली आ रही मांग की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
कोटेदारों ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को जमीनी स्तर पर संचालित करने में उचित दर विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। राशन की दुकानों के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की जिम्मेदारी कोटेदार निभाते हैं। ऐसे में लाभांश में बढ़ोतरी से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और राशन वितरण व्यवस्था के संचालन में भी मदद मिलेगी।
संघ के अध्यक्ष ठाकुर सुंदर सोम और सचिव सूर्याकान्त ने कहा कि उचित दर विक्रेता लंबे समय से अपने लाभांश में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। सरकार ने उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए 35 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि का फैसला लिया है। इस निर्णय से प्रदेशभर के राशन डीलरों में खुशी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए गए निर्णय की सराहना करते हुए खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय का भी आभार जताया। कोटेदारों ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए लाभांश बढ़ाने का निर्णय उनके आर्थिक हितों को मजबूत करने वाला कदम है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के अध्यक्ष ठाकुर सुंदर सोम, सचिव सूर्याकान्त, मुकेश कुमार, अमित कुमार, ओमप्रकाश, मोहम्मद इसरार, नेहा गोयल, अशुपाल, सुमेश, मुनेश अग्रवाल, चंद्रपाल देव, अमित कुमार, तरुण कुमार, अनुराधा, नत्थन सिंह, प्रवीण कुमार, राहिल, कोसर, सत्तो और जाहिद समेत बड़ी संख्या में उचित दर विक्रेता मौजूद रहे।
संघ के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में भी राशन डीलरों की समस्याओं और मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती रहेगी। उन्होंने कहा कि लाभांश बढ़ने से कोटेदारों को आर्थिक राहत मिलेगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।













