
मकतब उल मदीना धंधेड़ा में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम, शिक्षा को बताया देश की तरक्की का आधार
मुजफ्फरनगर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मकतब उल मदीना धंधेड़ा में देशभक्ति और शिक्षा के संदेश से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों के साथ-साथ क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा को देश और समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार बताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हकीम अताउर्रहमान अजमली (दिल्ली) और तहसीन अली असारवी ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाफिज मोहम्मद हाशिम इसहाक, मैनेजर डीएस पब्लिक स्कूल, ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में मास्टर अकलीम और मास्टर फारूक मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति की भावना के साथ हुई। बच्चों ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देखने को मिला। बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
शिक्षा से ही देश की वास्तविक तरक्की संभव..

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज सेवी तहसीन अली असारवी ने कहा कि देश की वास्तविक तरक्की शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें आधुनिक शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान, नैतिक मूल्यों और देश के प्रति जिम्मेदारियों का बोध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। यदि बच्चों को बेहतर शिक्षा और अच्छे संस्कार दिए जाएं तो वे आगे चलकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और उनकी प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि शिक्षित और संस्कारवान युवा किसी भी मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं। शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान का विस्तार करने के साथ उसे सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता भी प्रदान करती है।

शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील..
मुख्य अतिथि हकीम अताउर्रहमान अजमली ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार होने के साथ उसके उज्ज्वल भविष्य का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाएं।
उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज की तरक्की में बेटियों की शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज बच्चों की शिक्षा पर किया गया प्रयास आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की नींव तैयार करता है।
हकीम अताउर्रहमान अजमली ने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत और अनुशासन भी जरूरी है।
विद्यालय और मदरसा मिलकर कर सकते हैं बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हाफिज मोहम्मद हाशिम इसहाक, मैनेजर डीएस पब्लिक स्कूल, बिलासपुर, मुजफ्फरनगर ने कहा कि विद्यालय और मदरसा दोनों मिलकर बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार, नैतिक शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी देना भी जरूरी है। केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों को जिम्मेदार, अनुशासित और संवेदनशील नागरिक बनाना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार, शिक्षक और शैक्षणिक संस्थान सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
स्वतंत्रता दिवस जिम्मेदारियों का भी एहसास कराता है
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल ध्वजारोहण और देशभक्ति के नारों तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि देश की एकता, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और शिक्षा को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देकर ही देश को मजबूत बनाया जा सकता है।
वक्ताओं ने बच्चों को देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के साथ अपने आसपास के लोगों के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील बनने का संदेश दिया।
बच्चों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में मकतब के बच्चों ने देशभक्ति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अतिथियों और अभिभावकों ने बच्चों के उत्साह और प्रतिभा की सराहना की।
अतिथियों ने बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, संस्कार, देशभक्ति और सामाजिक एकता से जुड़े संदेशों पर विशेष जोर रहा।
कार्यक्रम का संचालन कारी तारिक फलाही ने किया, जबकि कार्यक्रम के कन्वीनर चौधरी कफील अहमद रहे।
इस अवसर पर मोहम्मद अफ्फान, रिहान, अरमान, चौधरी शावेज, चौधरी हसन, चौधरी खालिद और चौधरी अलीशेर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन देश की तरक्की, अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ के साथ किया गया। उपस्थित लोगों ने बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प भी व्यक्त किया।













