
UP के मुजफ्फरनगर में ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज़ ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन DM कार्यालय के माध्यम से भेजा। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय में हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और इस पर कार्रवाई से उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत प्राचीन काल से शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय, जहां लगभग 3,000 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा करीब 90 शिक्षक विभिन्न विषयों की शिक्षा दे रहे हैं, उसे संरक्षित किया जाना चाहिए।
संगठन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय की 40 इमारतों में से 38 इमारतों का नक्शा स्वीकृत न होने के आधार पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। उनका कहना है कि यदि ऐसा होता है तो बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा।
ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज़ ने राष्ट्रपति से मांग की कि जौहर विश्वविद्यालय को शिक्षा का केंद्र बनाए रखते हुए किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए तथा छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
ज्ञापन पर ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज़ के अध्यक्ष शाहनवाज आफताब, महबूब आलम एडवोकेट, मुस्लिम हैदर एडवोकेट, फ़ैज़ियाब खां एडवोकेट, हाजी मनव्वर हुसैन एडवोकेट, नदीम अख्तर, समीर एडवोकेट, नदीम एडवोकेट, काज़ी साजिद एडवोकेट, इसरार अली एडवोकेट, शाहबेन एडवोकेट, सैय्यद मेहंदी एडवोकेट, जावेद एडवोकेट तथा अरशान त्यागी एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
रामपुर के मौहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में उतरा मुत्तेहिदा महाज़













