सर सैयद राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 की घोषणा, डॉ. जकी तारिक और स्मिता शर्मा होंगी सम्मानित

साहित्यिक सेवाओं के लिए डॉ. जकी तारिक और सामाजिक सेवा के लिए स्मिता शर्मा को मिलेगा सम्मान, 16 अक्टूबर को होगा पुरस्कार वितरण


मेरठ।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के उर्दू विभाग की पुरस्कार समिति ने सर सैयद राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 की घोषणा कर दी है। इस वर्ष साहित्यिक सेवाओं के लिए गाजियाबाद के प्रसिद्ध कवि एवं विचारक डॉ. जकी तारिक तथा सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए एमएसएम की इकाई की अध्यक्ष स्मिता शर्मा को सम्मानित किया जाएगा। दोनों को यह पुरस्कार 16 अक्टूबर को जश्न-ए-सर सैयद के समापन सत्र में प्रदान किए जाएंगे।
उर्दू विभाग की ओर से अपने स्थापना काल से ही सर सैयद अहमद खां की जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष जश्न-ए-सर सैयद का आयोजन किया जाता है। सर सैयद एजुकेशनल सोसाइटी, मेरठ के सहयोग से होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य महान शिक्षाविद् सर सैयद अहमद खां के शैक्षिक मिशन, विचारों और सामाजिक सुधार के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान सर सैयद व्याख्यानमाला, प्रश्नोत्तरी, भाषण एवं लेखन प्रतियोगिताएं, संगोष्ठी, बैतबाजी और गजल गायन सहित विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसके साथ ही शिक्षा के प्रसार और सर सैयद के मिशन को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सर सैयद राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
साहित्यिक योगदान के लिए डॉ. जकी तारिक का चयन
साहित्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले डॉ. जकी तारिक को कविता, आलोचना, शोध और पत्रकारिता में योगदान के लिए सर सैयद राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उनकी प्रमुख काव्य कृतियों में एहसास की धूप (1983), पलकों पे ख्वाब (2003), सुबह की दहलीज (2010–2023) और शाम का धुंधलका (2023) शामिल हैं।
कविता के अतिरिक्त डॉ. जकी तारिक ने गद्य साहित्य और शोध के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी प्रमुख पुस्तकों में आजादी के बाद मंजूम ड्रामे (शोध, 2017), मतीन तारिक बागपती, मुन्तशिर अफकार (के.एल. नारंग साकी के लेख) और शेरी अफलाक के सितारे (आलोचनात्मक लेख) उल्लेखनीय हैं।
पत्रकारिता के क्षेत्र में भी डॉ. जकी तारिक सक्रिय रहे हैं। उनका जुड़ाव दैनिक इन दिनों, राष्ट्रीय सहारा, साप्ताहिक तेजाब और साप्ताहिक हिंडन पथ जैसे समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं से रहा है। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी सहित विभिन्न शहरों की लगभग एक दर्जन संस्थाएं उन्हें पुरस्कारों और सम्मानों से नवाज चुकी हैं।
वे रेडियो और टेलीविजन के विभिन्न मुशायरों एवं कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे हैं। दूरदर्शन उर्दू के लिए उनके द्वारा लिखा गया धारावाहिक उजाले यादों के काफी लोकप्रिय हुआ था। साहित्य के प्रति उनकी सक्रियता आज भी जारी है।
सामाजिक सेवा के लिए स्मिता शर्मा होंगी सम्मानित
सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली स्मिता शर्मा को सर सैयद राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने वनस्थली विद्यापीठ, जयपुर से शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई के साथ-साथ उनकी खेलों में भी विशेष रुचि रही और वे टेबल टेनिस की अच्छी खिलाड़ी रही हैं। इसके अलावा उन्हें विमान उड़ाने का भी पर्याप्त अनुभव है।
स्मिता शर्मा ने ‘साथ’ नामक संस्था की स्थापना कर निराशा और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे लोगों को सहारा देने का प्रयास किया है। संस्था का उद्देश्य लोगों में जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना, उन्हें नई उम्मीद देना और आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना है। संस्था लोगों को जीवन के महत्व का एहसास कराने और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी स्मिता शर्मा का योगदान उल्लेखनीय है। उनकी संस्था ‘द एकेडमी’ बच्चों को औपचारिक शिक्षा के साथ रंगमंच, भगवद्गीता के सार और विभिन्न धर्मों की शिक्षाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है। इसके माध्यम से बच्चों में प्रतिभा, संस्कार, सभ्यता और जीवन-मूल्यों का विकास करने का प्रयास किया जा रहा है।
16 अक्टूबर को होगा पुरस्कार वितरण
सर सैयद राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 का वितरण 16 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को शाम चार बजे आयोजित जश्न-ए-सर सैयद के समापन सत्र में किया जाएगा। साहित्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाली इन दोनों हस्तियों को सम्मानित किए जाने को आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।