फिलीपींस की लड़की से दोस्ती.. हनीट्रैप-ब्लैकमेलिंग… परेशान युवक ने दी जान,आरोपी गिरफ्तार

शामली में परीक्षित मलिक आत्महत्या मामले का खुलासा, AI से लड़की जैसी आवाज बनाकर फंसाने का आरोप; परिजनों को वीडियो भेजने की धमकी देकर वसूले रुपये

गुरुग्राम में रहकर साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने का आरोप, झारखंड निवासी आशीष कुमार गिरफ्तार

UP – शामली। सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के जरिए होने वाली साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर एक युवक ने अपनी जान दे दी। करीब दो माह पहले कांधला थाना क्षेत्र में हुई परीक्षित मलिक की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने झारखंड निवासी आशीष कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर युवक को आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने तथा लगातार रुपये मांगने का आरोप है।

फिलीपींस के नंबर से आई कॉल, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
पुलिस जांच के अनुसार, परीक्षित मलिक के मोबाइल फोन पर फिलीपींस के एक नंबर से कॉल आई थी। इसके बाद उसकी एक लड़की से बातचीत और दोस्ती शुरू हो गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान उसे हनीट्रैप में फंसा लिया गया और उसकी आपत्तिजनक फोटो व वीडियो हासिल कर लिए गए।
कुछ समय बाद परीक्षित के मोबाइल पर स्थानीय नंबर से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेजे गए। इन्हें सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर वायरल करने की धमकी देकर उससे रुपये मांगे जाने लगे। शुरुआत में उससे दो हजार रुपये और फिर एक हजार रुपये वसूले गए। इसके बाद भी रुपयों की मांग जारी रही।
परिवार तक वीडियो पहुंचाने की धमकी से बढ़ा दबाव
आरोप है कि ब्लैकमेलिंग करने वालों ने परीक्षित को धमकी दी कि यदि उसने रुपये नहीं दिए तो उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो परिवार के सदस्यों के मोबाइल नंबरों पर भेज दिए जाएंगे। लगातार मिल रही धमकियों और कथित ब्लैकमेलिंग से वह मानसिक दबाव में आ गया।
पुलिस के मुताबिक, इसी परेशानी के बीच 17 अगस्त को परीक्षित मलिक ने कांधला थाना क्षेत्र के गांव खंद्रावली के जंगल में एक पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो साइबर ब्लैकमेलिंग का पहलू सामने आया।
AI से लड़की जैसी आवाज बनाकर फंसाने का आरोप
पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह के मुताबिक, जांच में सामने आया कि आरोपी आशीष कुमार कथित तौर पर एआई तकनीक का इस्तेमाल करके लड़की जैसी आवाज में युवक से बातचीत करता था। इसके बाद उसे हनीट्रैप में फंसाकर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया जाता था।
जांच में पुलिस को आरोपी के कथित नेटवर्क और उसकी भूमिका के बारे में जानकारी मिली। पुलिस का आरोप है कि वह फिलीपींस की लड़कियों के माध्यम से वीडियो हासिल करने और फिर लोगों को ब्लैकमेल करने के काम में शामिल था। हालांकि, इस नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका और उसके पूरे संचालन को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
झारखंड का निवासी, गुरुग्राम में रह रहा था आरोपी
पुलिस ने इस मामले में आशीष कुमार को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह जिले के सामदा तुलाडीह गांव का निवासी बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह हरियाणा के गुरुग्राम में आईएमटी मानेसर स्थित देव कॉम्प्लेक्स में रह रहा था। कांधला थाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है। मामले में साइबर अपराध के नेटवर्क, अन्य संभावित आरोपियों और रुपये वसूलने के तरीके से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
मोबाइल पर अनजान कॉल और वीडियो कॉल से रहें सावधान
यह मामला एक बार फिर ऑनलाइन हनीट्रैप और वीडियो ब्लैकमेलिंग के खतरे को सामने लाता है। अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल, संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल और निजी फोटो या वीडियो साझा करने के मामलों में सतर्क रहना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति आपत्तिजनक सामग्री वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे, तो घबराकर भुगतान करने के बजाय सबूत सुरक्षित रखें और पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 से संपर्क करें।

कॉल से शुरू हुआ खेल, फिर ब्लैकमेलिंग का जाल
अनजान नंबर से दोस्ती, AI की आवाज और वीडियो वायरल करने की धमकी… साइबर अपराधियों का नया तरीका

ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर साइबर अपराधी लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल कर रहे हैं। शामली के परीक्षित मलिक का मामला इसी खतरे की गंभीर तस्वीर पेश करता है। पुलिस के मुताबिक, परीक्षित के मोबाइल पर फिलीपींस के नंबर से कॉल आई थी। बातचीत के बाद उसे कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया जाने लगा।
शुरुआत में छोटी रकम मांगी गई, लेकिन बाद में परिवार के सदस्यों को वीडियो भेजने की धमकी देकर दबाव बढ़ाया गया। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने AI तकनीक से लड़की जैसी आवाज का इस्तेमाल कर युवक को जाल में फंसाया था।
ब्लैकमेलिंग हो तो क्या करें?
धमकी से घबराकर रुपये न दें।
चैट, मोबाइल नंबर, स्क्रीनशॉट और भुगतान संबंधी सबूत सुरक्षित रखें।
साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
मानसिक दबाव महसूस होने पर परिवार के भरोसेमंद सदस्य या किसी विशेषज्ञ से तुरंत मदद लें।

संदेश: ऑनलाइन किसी अनजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा करना भारी पड़ सकता है। साइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर पीड़ित को दोष देने के बजाय उसकी मदद करना जरूरी है।