IAS स्कूल असारा में हुई उर्दू भाषण प्रतियोगिता, तीन जिलों के11 स्कूलों के बच्चों ने दिखाया हुनर


बागपत। इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ स्कॉलर्स (आईएएस), असारा में हाजी रोज़ुद्दीन अंतरविद्यालयी उर्दू भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बागपत, शामली और मुज़फ्फरनगर के 11 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उर्दू के मंच पर पहुंचे विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली और आत्मविश्वासपूर्ण अंदाज में रखकर खूब वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) लुक़मान खान रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत, ज्ञान का विस्तार और अपनी प्रतिभाओं को निखारकर युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भाषण प्रतियोगिता को सब-जूनियर और जूनियर दो वर्गों में आयोजित किया गया। सब-जूनियर वर्ग में कक्षा 3 से 5 तथा जूनियर वर्ग में कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। दोनों वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सब-जूनियर वर्ग में असारा की अरफा ने मारी बाजी। कक्षा चार की अरफा, इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ स्कॉलर्स, असारा, बागपत ने प्रथम स्थान हासिल किया। हुज़ैफा, कक्षा पांच, विज़न इंटरनेशनल एकेडमी, फुलत, मुज़फ्फरनगर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि रविश चौधरी, कक्षा पांच, एम.जे. पब्लिक स्कूल, शोरम, मुज़फ्फरनगर तृतीय रहे।
जूनियर वर्ग में कांधला की उमरा सिद्दीकी ने पहला स्थान हासिल किया। आवर इंडिया स्कूल, कांधला, शामली की कक्षा आठ की उमरा सिद्दीकी प्रथम रहीं। इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ स्कॉलर्स, असारा, बागपत की कक्षा छह की सोफिया ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं विज़न इंटरनेशनल एकेडमी, फुलत, मुज़फ्फरनगर के कक्षा आठ के अब्दुल करीम तृतीय स्थान पर रहे।
प्रतियोगिता में श्रीमती ज़ाहिदा रईस और तहसीन अली असारवी ने निर्णायक के रूप में अपनी भूमिका निभाई। निर्णायकों ने कहा कि उर्दू केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी साझा तहज़ीब, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण पहचान है। नई पीढ़ी में उर्दू के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यार्थियों को उर्दू पढ़ने, लिखने और मंच पर अपने विचार व्यक्त करने के अधिक से अधिक अवसर दिए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बागपत, शामली और मुज़फ्फरनगर के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों का एक मंच पर एकत्र होकर उर्दू में अपने विचार व्यक्त करना भाषा के प्रति उनकी रुचि और जुड़ाव को दर्शाता है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
न्यू इंडिया एजुकेशन ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. अनीस अहमद ने कहा कि बच्चों में उर्दू भाषा के प्रति रुचि पैदा करना और उन्हें मंच पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर देना इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन की सराहना की।
डॉ. अनीस अहमद ने बताया कि इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ स्कॉलर्स की ओर से आयोजित यह तीसरा कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों की शैक्षिक, भाषाई और रचनात्मक प्रतिभाओं के विकास के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती ज़ाहवा अहमद का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके प्रयासों से प्रतियोगिता व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों तथा क्षेत्र की अनेक गणमान्य हस्तियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी भाषण प्रतिभा और उर्दू भाषा पर पकड़ का प्रदर्शन किया। तीन जिलों के 11 स्कूलों से आए बच्चों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।