आपत्तिजनक वीडियो के आरोप में सस्पेंड SI अनु की सफाई, बोलीं- ‘मेरी मर्जी के बिना वीडियो-फोटो शेयर किए, मेरा करियर बर्बाद कर दिया’
UP क़े मेरठ में आपत्तिजनक वीडियो के आरोप में कार्रवाई का सामना कर रहीं सब इंस्पेक्टर अनु ने अब पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। अनु का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो उनके निजी अकाउंट से जुड़ा था और उसे उनकी अनुमति के बिना शेयर किया गया।
अनु ने आरोप लगाया कि अमित किल्हौर नाम के एक इन्फ्लुएंसर ने उनका वीडियो अपने Instagram चैनल पर शेयर किया और इसके बाद उत्तर प्रदेश के डीजीपी, मुख्यमंत्री समेत कई लोगों को टैग किया गया।
अनु का सवाल है कि आखिर उनकी मर्जी के बिना उनके निजी वीडियो और फोटो किसी दूसरे अकाउंट पर क्यों शेयर किए गए? उन्होंने इसे साइबर क्राइम बताते हुए यह भी सवाल उठाया कि वीडियो बाद में उस अकाउंट से डिलीट क्यों किया गया।
अनु ने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद उनकी 20-25 साल की मेहनत, करियर और भविष्य पर असर पड़ा और उन्हें बदनाम किया गया। उनका कहना है कि उन पर अश्लील वीडियो बनाने जैसे आरोप लगाए गए, जबकि उनकी तरफ से अपना पक्ष रखने वाला कोई नहीं था।
‘मेरी तरफ से किसी ने पक्ष नहीं रखा’
अनु ने कहा कि वह अब लाइव आकर अपना पक्ष इसलिए रख रही हैं, क्योंकि उनकी ओर से किसी ने सही तरीके से बात नहीं रखी। उनके भाई ने अपनी बात रखी, लेकिन उसे ज्यादा लोगों ने नहीं देखा।
उन्होंने अमित किल्हौर से सवाल किया कि अगर उन्हें अनु के विभाग या उनके कथित आपत्तिजनक काम को लेकर इतनी चिंता थी, तो उन्होंने शिकायत क्यों नहीं की? अनु का कहना है कि उनके पास उनका नंबर था और वह विभाग में शिकायत या एफआईआर करा सकते थे।
अनु ने अपने एसएसपी का भी जिक्र करते हुए कहा कि अगर उन्हें लगता था कि वह कोई गलत काम कर रही हैं, तो इसकी शिकायत अधिकारियों से की जा सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि वीडियो को उनकी अनुमति के बिना निकालकर अपने चैनल पर क्यों डाला गया।
ड्रेस और QR कोड पर भी दी सफाई..
अनु के मुताबिक, जिस फ्रॉक को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह उन्होंने मॉल से खरीदी थी। उनका कहना है कि उनके घर में इस ड्रेस को पहनने को लेकर किसी को कोई आपत्ति नहीं है।
वहीं, वीडियो में दिखाई देने वाले QR कोड को बैंक खाते से जोड़कर किए जा रहे दावों पर भी अनु ने सफाई दी। उनका दावा है कि वह बैंक अकाउंट का QR कोड नहीं, बल्कि उनके Instagram अकाउंट का QR कोड है।
अनु ने बताया कि उनके घर के बराबर में जिम है और वह रोज वहां जाती थीं। उनका कहना है कि वह फिटनेस को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से वीडियो शूट करती थीं और उन्हें अपने YouTube चैनल पर अपलोड करती थीं।
अनु का दावा है कि इन वीडियो में उन्हें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा।
अब इस पूरे विवाद में एक तरफ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उसके आधार पर लगाए गए आरोप हैं, तो दूसरी तरफ सस्पेंड SI अनु की सफाई और निजी वीडियो को बिना अनुमति शेयर किए जाने का आरोप। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगी।














