अंकिता भंडारी मर्डर केस : चौथी बरसी पर उत्तराखंड में कई स्थानों पर प्रदर्शन

सीबीआई जांच तेज करने की मांग, सामाजिक संगठनों ने निकाला मार्च; बोले- अंतिम सत्य सामने आने तक जारी रहेगी न्याय की लड़ाई


देहरादून।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर राजधानी देहरादून में विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की सीबीआई जांच तेज करने और प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठाई।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक मामले का अंतिम सत्य सामने नहीं आ जाता। उनका कहना था कि परिवार और जनता के मन में उठ रहे सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।
‘न्याय अधूरा नहीं, पूर्ण चाहिए’

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामले से जुड़े हर किरदार और हर पहलू की पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि कानून की नजर में सभी आरोपी बराबर हैं और जांच एजेंसियों को जनता के भरोसे पर खरा उतरना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मामले की पूरी सच्चाई परिवार और जनता के सामने नहीं आती, तब तक न्याय की प्रक्रिया को पूरा नहीं माना जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि अंकिता को पूर्ण न्याय आखिर कब मिलेगा?

18 सितंबर 2022 को दर्ज हुई थी गुमशुदगी..

अंकिता भंडारी के लापता होने की शिकायत 18 सितंबर 2022 की रात राजस्व पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई थी। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने और बढ़ते विरोध के बाद जांच नियमित पुलिस को सौंप दी गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था।
मामले ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा किया था। चौथी बरसी पर एक बार फिर देहरादून में प्रदर्शन के जरिए अंकिता के लिए निष्पक्ष जांच और पूर्ण न्याय की मांग उठी।

3 कातिलो को हो चुकी है उम्र कैद की सजा…

वर्ष 2025 में उत्तराखंड की कोटद्वार कोर्ट ने पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी के 3 कातिलो पुलकित आर्य,सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। होटल मे रिसेप्शन पर कार्य कर रही अंकिता की 2022 मे VVIP मेहमान को एक्स्ट्रा सर्विस न देने पर मौत के घाट उतार दिया गया था। अभी तक भी उस VVIP का नाम नहीं खुल पाया है, जिसकी वजह से #AnkitaBhandari को मारा गया था। यही सवाल शुरू से लेकर आज तक सॉल्वड नहीं हो पाया है।