मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बंदियों के साथ कथित मारपीट, अवैध वसूली और उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने गुरुवार को जिला जेल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बंदियों की सुरक्षा और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।
भाकियू (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि जिला जेल में नए बंदियों से कथित तौर पर अवैध वसूली की जाती है और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को विशेष रूप से निशाना बनाया जाता है। ऐसे बंदी जिनके परिजन नियमित रूप से मिलने नहीं आते, उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि रतनपुरी क्षेत्र का एक युवक हाल ही में जेल भेजा गया था। आरोप है कि जेल के भीतर कुछ बंदियों ने उसके साथ सामूहिक रूप से मारपीट की और घर से रुपये व अन्य सामान मंगाने का दबाव बनाया। इस संबंध में परिजनों और संगठन के लोगों ने जेल प्रशासन को अवगत कराया था। इसके बावजूद युवक के साथ दोबारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि जेल के अंदर बंदियों से अमानवीय व्यवहार किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कमजोर बंदियों से अन्य बंदियों के कपड़े धुलवाना, पैर दबवाना और निजी कार्य कराना आम बात बन गई है। यदि कोई बंदी इसका विरोध करता है तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।
इन्हीं आरोपों को लेकर भाकियू (अराजनैतिक) के कार्यकर्ता गुरुवार को जिला जेल पहुंचे और मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए। संगठन के नेताओं ने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जेलर को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जेल के भीतर मारपीट और अवैध वसूली की घटनाओं की जांच कराए जाने, दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा बंदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
भाकियू नेताओं के अनुसार जेलर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो दिन के भीतर जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने और संबंधित प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
धरने में जिला अध्यक्ष सुधीर पहलवान, बिजेंद्र बालियान, सुमित, मोनू सोम, शहजाद राव, कपिल राठी, उमेश त्यागी, सानुर राणा, अनुज सोम, विपिन त्यागी, अंकित जावला, दीपक चौधरी, कपिल बालियान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नोट: समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित संगठन द्वारा लगाए गए हैं। मामले में जेल प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
जिला जेल में बंदियों के उत्पीड़न के विरोध में भाकियू ने दिया धरना













