देश के विभिन्न हिस्सों मे दर्ज हो रहे मुकदमे : लविश चौधरी पर मुजफ्फरनगर के निवेशकों ने कराई FIR

UP – MUZAFFARNAGAR…

इंटरनेशनल ठगी के आरोपी लविश चौधरी उर्फ़ नवाब के खिलाफ देश भर मे लगातार FIR दर्ज हो रही है। नया मुकदमा UP के मुज़फ्फरनगर मे थाना खालापार पर हुआ है। हर महीने 5 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर निवेश कराने और बाद में भुगतान बंद कर करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने का मामला अब UP पुलिस तक पहुँच गया है।

खालापार निवासी दीन मोहम्मद पुत्र नजीर हसन ने लविश चौधरी उर्फ नवाब के खिलाफ ठगी की FIR कराई है। आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2021 में QFX (क्यूएफएक्स) कंपनी के माध्यम से निवेश कराया गया और बाद में निवेशकों की रकम फंस गई।

घर-घर जाकर कराते थे निवेश..

पहले कंपनी का कार्यालय जीरकपुर (मोहाली, पंजाब) में बताया गया था। कंपनी के प्रतिनिधि लोगों के घरों और बैठकों में जाकर हर महीने 5 प्रतिशत रिटर्न का भरोसा देकर निवेश कराते थे। शुरुआत में तय रिटर्न दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा, लेकिन अक्टूबर 2024 के बाद भुगतान बंद कर दिया गया।

इन निवेशकों की रकम फंसी होने का दावा..

प्रार्थना पत्र में मुज़फ्फरनगर के दीन मोहम्मद (6 लाख), तरुण सचदेवा (3 लाख), समीना (6 लाख), धर्मपाल (4 लाख), मोहिंद्र (5 लाख), रामेश्वर (4 लाख), फराद सिद्दीकी (3 लाख), सलमान (2.80 लाख), मुकिम मलिक (7.50 लाख), शहजाद (4.90 लाख), नदीम सलमानी (40 हजार), शादाब सलमानी (80 हजार), खुशनुमा (1.60 लाख), हाजी राशिद (1.60 लाख), फैज (2 लाख), राशिद (1.60 लाख), जिहान (1.60 लाख), इकरार (1.60 लाख), गुलफाम (40 हजार), आसिफ अंसारी (80 हजार), डॉ. अंजुम (2.10 लाख), मुकर्रम (1.60 लाख), अंजली बोराह (2.20 लाख), कमाल उस्मानी (3.20 लाख), सतवीर शर्मा (4 लाख), सुखविंदर सिंह और विनोद कुमार (3 लाख) समेत कई अन्य निवेशकों के नाम दर्ज हैं।


पैसे मांगने पर धमकी देने का आरोप..

वाद में कहा गया है कि निवेशकों ने रकम वापस मांगी तो पहले टालमटोल की गई और बाद में भुगतान से इनकार कर दिया गया। आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ित का कहना है कि 30 मार्च 2026 को एसएसपी मुजफ्फरनगर को शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अदालत की शरण लेनी पड़ी।

देश के कई राज्यों में भी जांच के दायरे में नेटवर्क..

प्रार्थना पत्र और विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों के अनुसार, लवीश चौधरी उर्फ नवाब का नाम BotBro, Cross Market AI, MineCrypto, QFX Trade, Yorker FX (YFX), TLC Coin और BitNova जैसे निवेश प्लेटफॉर्मों से भी जोड़ा गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार इन प्लेटफॉर्मों के जरिए लोगों को AI आधारित Forex Trading, Crypto निवेश और 5 से 15 प्रतिशत तक गारंटीड रिटर्न का दावा कर निवेश कराया गया।

3200 करोड़ के कथित फॉरेक्स घोटाले में बड़ी कार्रवाई: UAE में बैठे लवीश चौधरी के प्रत्यर्पण की तैयारी तेज

फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में करीब 3200 करोड़ रुपये की कथित ठगी के आरोपी लवीश चौधरी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रत्यर्पण की कार्रवाई के तहत करीब 400 पन्नों के दस्तावेजों का अरबी भाषा में अनुवाद कराकर राज्य सरकार के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया है।

पहले जारी हो चुका है रेड कॉर्नर नोटिस..
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, लवीश चौधरी के खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर (LOC) और रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया जा चुका है। अब भारत और यूएई के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच..

जांच एजेंसियों का आरोप है कि लवीश चौधरी और उसके नेटवर्क ने एजेंटों के जरिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में लोगों को फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश कर दो से तीन गुना मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में निवेशकों को रिटर्न देकर भरोसा बनाया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।

इंदौर की शिकायत से खुला मामला..

इस पूरे मामले की शुरुआत इंदौर के एक निवेशक की शिकायत से हुई थी। जांच के बाद मध्य प्रदेश एसटीएफ ने केस दर्ज किया और जांच में कथित तौर पर देशभर में फैले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।

1999 की भारत-UAE प्रत्यर्पण संधि से बढ़ी उम्मीद..

अधिकारियों के मुताबिक, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच वर्ष 1999 में हुई प्रत्यर्पण संधि के कारण आरोपी को भारत लाने की संभावना मजबूत हुई है। बताया जा रहा है कि यह पहला मामला है, जिसमें मध्य प्रदेश एसटीएफ किसी आरोपी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को इस स्तर तक लेकर पहुंची है।

मध्य प्रदेश STF की कार्रवाई…

मध्य प्रदेश एसटीएफ इस नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया भी की गई थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि विभिन्न प्लेटफॉर्मों के जरिए देशभर से करीब 3200 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया गया। हालांकि इन आरोपों की जांच जारी है।

उत्तराखंड में भी दर्ज हुई एफआईआर..

देहरादून के रायपुर थाने में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया कि लोगों को 5 से 10 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच देकर निवेश कराया गया। इस मामले में नवीन सिंह नेगी, दीपेश, जगपाल सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, अहिल कुमार और कमल सिंह को नामजद किया गया है। शिकायत के अनुसार, केवल देहरादून क्षेत्र से ही 20 से 25 करोड़ रुपये का निवेश कराया गया।

गाजियाबाद में 5.06 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप..

ट्रॉनिका सिटी निवासी कारोबारी सुनील जैन ने लवीश चौधरी समेत 32 लोगों पर 5.06 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। एफआईआर में लवीश चौधरी उर्फ नवाब अली, राशिद अली, साजिद अली, प्रमोद सोलंकी, नवाब हसन, नसीम अहमद, डॉ. विजय कुमार, शांति स्वरूप, नारम चानू, पवन कुमार बारगोती, सीमा रानी, ऋषि चौरसिया, महेश कुमार विश्वकर्मा, आर्यन चौधरी, गौरव, संजय बेनीवाल, हिमांशु चौधरी, मोहित कुमार, राजू चौधरी, प्रदीप, मोहित जाट, शालिनी चौधरी और जेम्स समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
एफआईआर में Fiddsia Patram Pvt. Ltd., EdTech Services Pvt. Ltd., Bhavya Enterprises, Divishi Infotech OPC Pvt. Ltd., RV Educational Trust और Wholesale Depot जैसी संस्थाओं का भी उल्लेख किया गया है।

हरिद्वार और तेलंगाना में भी जांच..

हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में 250 से अधिक निवेशकों द्वारा करीब 10 करोड़ रुपये निवेश किए जाने का दावा करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। वहीं तेलंगाना के खम्मम में 2.73 करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन निवेश घोटाले में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जहां जांच में BotBro और MineCrypto नेटवर्क का नाम भी सामने आया।