Google Drive ने खोली हैवानियत की पोल! नाबालिग बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियो रखने वाला युवक गिरफ्तार

Google के अलर्ट से खुला राज; IMEI, IP Address और Email ID ने पहुंचाया सलाखों तक

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कानपुर।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में बाल सुरक्षा और साइबर अपराध से जुड़ा बेहद गंभीर मामला सामने आया है। चमनगंज थाना क्षेत्र के 25-26 वर्षीय युवक को अपने ही परिवार की नाबालिग बच्चियों और आसपास रहने वाली कुछ बच्चियों से जुड़े कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो गूगल ड्राइव में सुरक्षित रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले का खुलासा किसी पीड़ित की शिकायत से नहीं, बल्कि गूगल के सुरक्षा तंत्र से मिले इनपुट और उसके बाद हुई साइबर जांच से हुआ।

Google के सुरक्षा सिस्टम ने पकड़ी संदिग्ध गतिविधि..

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित आपत्तिजनक सामग्री अपने Google Drive अकाउंट में सेव कर रखी थी। गूगल के सुरक्षा सिस्टम ने इस संदिग्ध सामग्री की पहचान की और इसकी सूचना National Center for Missing & Exploited Children (NCMEC) को भेजी। वहां से यह इनपुट राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से भारतीय एजेंसियों तक पहुंचा, जिसके बाद कानपुर पुलिस और साइबर टीम ने जांच शुरू की।

IMEI नंबर, IP Address और Email ID बने सबसे बड़े सबूत..

एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। गूगल से प्राप्त तकनीकी जानकारी, मोबाइल के IMEI नंबर, ईमेल आईडी और IP Address का विश्लेषण किया गया। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस चमनगंज क्षेत्र में रहने वाले आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।


मोबाइल और Google Drive से मिले कई कथित आपत्तिजनक फोटो-वीडियो…

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन और Google Drive की जांच की। जांच के दौरान वहां से कई कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने की बात सामने आई है। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को साइबर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

परिवार और आसपास की नाबालिग बच्चियों से जुड़े गंभीर आरोप..

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर अपनी नाबालिग रिश्तेदारों और आसपास रहने वाली कुछ बच्चियों से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बनाने तथा उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के आरोप हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं आरोपी ने यह सामग्री किसी अन्य वेबसाइट, क्लाउड स्टोरेज या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा तो नहीं की थी।

साइबर फॉरेंसिक जांच जारी…

पुलिस का कहना है कि फिलहाल डिजिटल उपकरणों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच चल रही है। यदि जांच में सामग्री साझा करने या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े होने के प्रमाण मिलते हैं, तो मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
मुख्य बिंदु
Google Drive में कथित आपत्तिजनक सामग्री रखने के आरोप में युवक गिरफ्तार।
Google के सुरक्षा सिस्टम के अलर्ट से मामले का खुलासा।
NCMEC और NCRP के जरिए भारतीय एजेंसियों तक पहुंची सूचना।
IMEI नंबर, IP Address और Email ID से आरोपी की पहचान।
मोबाइल और Google Drive से कथित आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिलने का दावा।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच जारी।
अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामग्री साझा किए जाने की भी जांच।