अंबेडकरनगर में खून की सिहरन: 4 मासूमों संग मां की हत्या, आरोपी आमिर एनकाउंटर में मार गिराया
UP में अंबेडकरनगर की अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मीरानपुर मुरादाबाद मोहल्ले में हुए दिल दहला देने वाले सामूहिक हत्याकांड में सोमवार सुबह बड़ा मोड़ आ गया। चार मासूम बच्चों और उनकी मां की बेरहमी से हत्या करने वाले मुख्य आरोपी आमिर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। बाईपास के पास हुई इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। SP प्राची सिंह की टीम ने कुछ घंटो में ही पूरा केस सॉल्व करने में सफलता प्राप्त कर ली।

पुलिस के अनुसार, आमिर की लोकेशन मिलते ही एसओजी और स्थानीय पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग झोंक दी। जवाबी कार्रवाई में आमिर के सीने में गोली लगी। घायल हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ में दो जवान जख्मी
मुठभेड़ के दौरान मरैला चौकी प्रभारी राजेश यादव और एसओजी के सिपाही जाकिर हुसैन के बाएं हाथ में गोली लगी। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सिलबट्टे से कूच डाले गए मासूम..
मोहल्ले के रहने वाले नियाज, जो सऊदी अरब में नौकरी करते हैं, उनके चार बच्चों—शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और आठ वर्षीय बेटी बयान उर्फ सादिया—की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। बच्चों के सिर पर सिलबट्टे जैसे भारी हथियार से ताबड़तोड़ वार किए गए थे। घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया था।
मां पर गया था शक, फिर पलटी कहानी
घटना के बाद बच्चों की मां गासिया खातून के लापता होने से शक की सुई उन्हीं पर घूम गई थी। पारिवारिक कलह और पति के दूसरी शादी करने की चर्चा ने आग में घी का काम किया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने गासिया के खिलाफ ही हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
लेकिन रविवार शाम कहानी ने करवट बदली। गासिया खातून का शव एक नाले से बरामद हुआ। इसके बाद साफ हो गया कि वह खुद भी इस खौफनाक साजिश का शिकार बनी थीं। यहीं से जांच का रुख बदला और आमिर की तलाश तेज कर दी गई।
लोकेशन मिली, घेराबंदी हुई और खत्म हुआ खेल
पुलिस ने सर्विलांस के जरिए आमिर की लोकेशन ट्रेस की। बाईपास के पास उसे घेर लिया गया। बचने के लिए उसने फायरिंग शुरू की, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर हो गया।
अब भी गूंज रहे सवाल

आमिर के एनकाउंटर के बाद भले ही पुलिस ने राहत की सांस ली हो, लेकिन कई सवाल अब भी बाकी हैं।
आमिर का परिवार से क्या रिश्ता था?
हत्या के पीछे असली वजह क्या थी?
क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था? फिलहाल आमिर का गासिया से शादी करके उसकी प्रॉपर्टी कब्ज़ाने की साजिश का मामला सामने आया है। जब वह नाकाम हुआ तो उसने हत्या कर दी।
इन सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी है। फिलहाल, इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
शक की सुई थी मां पर, लेकिन खुद बन गई शिकार—कैसे भटका हत्याकांड का पूरा रुख

अंबेडकरनगर के मीरानपुर मुरादाबाद हत्याकांड में जितनी सनसनी चार मासूमों की निर्मम हत्या ने फैलाई, उतना ही चौंकाने वाला रहा जांच का वह मोड़, जहां एक मां को ही अपने बच्चों का कातिल मान लिया गया।
घटना के बाद जब घर में चारों बच्चों के शव मिले और मां गासिया खातून गायब थीं, तो शक की सुई सीधे उन्हीं पर टिक गई। मोहल्ले में चर्चाएं तेज हो गईं—“मां ही कातिल है।” पुलिस की शुरुआती जांच भी इसी दिशा में आगे बढ़ी। परिजनों की तहरीर पर गासिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पारिवारिक विवाद बना शक की बड़ी वजह
जांच में सामने आया कि गासिया खातून और उनके पति नियाज के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। नियाज, जो सऊदी अरब में नौकरी करते हैं, ने वहां एक पाकिस्तानी महिला से निकाह कर लिया था। इस बात को लेकर घर में तनाव था।
यही वजह बनी कि लोगों को लगा—गुस्से और आहत मनोदशा में मां ने ही यह खौफनाक कदम उठा लिया होगा।
गायब मां और गहराया शक…
घटना के बाद गासिया खातून का कोई पता नहीं चला। न फोन, न कोई सुराग। इससे यह धारणा और मजबूत होती गई कि वारदात के बाद वह फरार हो गई हैं।
नाले से मिला शव और पलट गई कहानी
रविवार शाम जैसे ही एक नाले से गासिया खातून का शव बरामद हुआ, पूरे मामले ने करवट ले ली।
जो मां अब तक शक के घेरे में थी, वह खुद एक पीड़िता निकली। यह खुलासा होते ही पुलिस को अपनी जांच की दिशा बदलनी पड़ी।
सवालों के घेरे में शुरुआती जांच
इस घटनाक्रम ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए।
क्या जांच में जल्दबाजी हुई?
क्या परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाल लिया गया?
हालांकि पुलिस का कहना है कि उस समय उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई थी।
आमिर की एंट्री और खुलने लगी परतें
गासिया का शव मिलने के बाद जांच में आमिर का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से उसकी तलाश शुरू की, जो अंततः मुठभेड़ में मारे जाने पर खत्म हुई।
एक मां…जो आखिर तक गलत समझी गई
इस पूरे मामले की सबसे मार्मिक बात यही रही कि जिस मां पर अपने ही बच्चों की हत्या का आरोप लगा, वह खुद उसी दरिंदगी का शिकार बनी।
मौत के बाद बेगुनाही सामने आई—लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।














