‘उदयपुर फाइल्स’ क़े फ्लाप होने पर अमित जानी ने उठाए सवाल, बोले:- अश्लील फिल्मों पर टूट पड़ते हैं हिंदू

नई दिल्ली। ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म को लेकर विवादों में घिरे सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक चेहरा रहे अमित जानी ने एक वीडियो जारी करके हिंदू समाज की उदासीनता पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस तरह जमीयत उलमा चीफ मौलाना अरशद मदनी ने फिल्म का विरोध किया, पूरा मुस्लिम समाज एकजुट होकर उनके समर्थन में खड़ा हो गया, लेकिन कन्हैयालाल के परिवार को हिंदू समाज से वह समर्थन नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
🎙️ जानी का आरोप — “हिंदू कौम आज भी मरी हुई है”
अमित जानी ने कहा, “पहले की तरह आज भी हिंदू समाज चादर तानकर सोया हुआ है। जब रजनीकांत और ऋतिक रोशन की नई फिल्में आएंगी, तो हिंदू समाज पैसा खर्च कर उन्हें देखने जाएगा। मुस्लिम समाज इस बात से खुश हो सकता है कि हिंदू समाज ने फिर से अपनी उदासीनता साबित कर दी।”
🎬 “अश्लील फिल्मों पर टूट पड़ते हैं हिंदू”
जानी ने ‘सैयारा’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि “साढ़े चार सौ करोड़ उस फिल्म को दे दिए गए जो अश्लीलता फैला रही है, लेकिन कन्हैयालाल की फिल्म के लिए न तो लोगों के पास 100-200 रुपये थे, न ही समय।” उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म को रोकने की कोशिशें की गईं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़कर फिल्म को रिलीज कराया गया।
⚖️ “हिंदू समाज खुद अपना दुश्मन है”
जानी ने कहा कि “कन्हैयालाल तुम लोगों का कुछ नहीं लगता था, इसलिए उसकी लड़ाई किसी ने नहीं लड़ी। हिंदू पैदा ही मरने के लिए हुआ है। पहलगाम में 26 लोग मारे गए, लेकिन हिंदू समाज खामोश रहा।” उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म का उद्देश्य कन्हैयालाल के परिवार को आर्थिक सहायता देना था, लेकिन समाज की उदासीनता भारी पड़ गई।
🛡️ वाई श्रेणी सुरक्षा मिली, विवादों का पुराना इतिहास
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में अमित जानी को वाई श्रेणी सुरक्षा प्रदान की है। ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर उन्हें मिल रही धमकियों के चलते यह सुरक्षा दी गई।
अमित जानी का विवादों से पुराना नाता रहा है —
– 2022 में मेरठ से निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा, हार मिली
– 2012 में राहुल गांधी को काला झंडा दिखाने पर केस दर्ज
– 2017 में आजम खान की जीभ काटने की धमकी देकर सुर्खियों में आए
📌 फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की पृष्ठभूमि
यह फिल्म उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की हत्या पर आधारित है, जिसे धार्मिक कट्टरता के चलते मौत के घाट उतार दिया गया था। फिल्म का उद्देश्य उनके परिवार को आर्थिक सहायता देना बताया गया है।