
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के निर्देशन में तीन बसों को हरी झंडी, स्पेशल एजूकेटरों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
मुज़फ्फरनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के निर्देशन में सोमवार को परिषदीय विद्यालयों के 152 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को ऐतिहासिक स्थल हस्तिनापुर की एक्सपोज़र विजिट कराई गई।
जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) सुशील कुमार ने कार्यालय से तीन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रवाना होने से पहले सभी बच्चों को पानी और चिप्स वितरित किए गए।
भ्रमण में 14 स्पेशल एजूकेटर, अभिभावक तथा विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक बच्चों के साथ उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ऐतिहासिक–सांस्कृतिक धरोहरों का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था।
जम्बूद्वीप में नौका विहार, ऐरावत हाथी की सवारी और छोटी रेलगाड़ी से रोमांचित हुए बच्चे
हस्तिनापुर पहुंचने पर बच्चों ने सबसे पहले जम्बूद्वीप परिसर का भ्रमण किया। यहाँ बच्चों ने
नौका विहार,
ऐरावत हाथी की सवारी,
और छोटी रेलगाड़ी की यात्रा
का आनंद लिया।
शिक्षकों ने मौके पर ही हस्तिनापुर के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में बच्चों को जानकारी दी।
इसके बाद बच्चों ने पांडव किला और द्रोपदी कुंड का भी अवलोकन किया। यात्रा के दौरान दिव्यांग बच्चों की हर जरूरत का विशेष ध्यान रखा गया। दोपहर का भोजन स्थल पर ही गर्मागर्म परोसा गया।

‘ऐसे आयोजन बच्चों में जिज्ञासा व आत्मविश्वास बढ़ाते हैं’ — जिला समन्वयक सुशील कुमार
जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) सुशील कुमार ने बताया कि ऐसे शैक्षिक भ्रमण बच्चों को भारत की ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ते हैं और उनमें सीखने की जिज्ञासा बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को सुरक्षित मुख्यालय लाया गया और अभिभावकों के सुपुर्द किया गया।

इन स्पेशल एजूकेटरों का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्पेशल एजूकेटर —
आदित्य प्रकाश,
धर्मेंद्र स्वरूप जैन,
रेनू,
रामनिवास,
इरशाद,
प्रमिता,
धर्मेंद्र
आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।















