शरीर पर गुदवा रखे शहीदों के नाम, एसएसबी जवान की विधवा के लिए उठाई आवाज

इंसाफ को पहुंची शहीद की विधवा
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पहुंचे विजय हिंदुस्तानी ने एसएसबी जवान की विधवा को उसके अधिकार दिलाने की आवाज बुलंद की। पुलवामा, उरी तथा पठानकोठ हमले के शहीदों के नाम अपने शरीर पर गुदवाने वाले विजय हिंदुस्तानी ने अग्नीवीर भर्ती प्रक्रिया से असहमती प्रकट की। 20 सितंबर से जिले में अग्नीवीर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। मुजफ्फरनगर पहुंचे शामली के गांव भारसी निवासी विजय हिंदुस्तानी ने अग्नीवीर भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इससे युवा का करियर चैपट हो जाएगा। सेना के मनोबल पर भी प्रभाव पड़ेगा। अग्नीवीर जवान का कार्यकाल भी सेना के जवान जितना ही होना चाहिए। इससे देश की सुरक्षा को काफी मजबूती मिलेगी। शामली निवासी विजय हिंदुस्तानी के दिल में देशभक्ति की भावना कूट कूटकर भरी है। पुलवामा हमले के बाद उन्होंने अपने शरीर पर शहीद हुए सैनिकों के नाम के टैटू गुदवाए थे। तब से आज तक वह पुलवामा सहित उरी, पठानकोठ तथा अनंतनाग हमलों व कारगिल के 127 शहीदों के नाम अपनी कमर पर गुदवा चुके हैं। पुलवामा हमले के बाद कश्मीर की यात्रा के लिए निकले विजय हिंदुस्तानी को सहारनपुर में 25 फरवरी 2019 को गिरफ्तार कर लिया गया था। विजय हिंदुस्तानी सेना के सैंकड़ो शहीदों की अंतिम यात्रा में शामिल हो चुके हैं। उत्तरांचल विश्वविद्यालय से कानूनी की पढ़ाई कर रहे विजय हिंदुस्तानी मुजफ्फरनगर डीएम कार्यालय पहुंचे थे। कृष्णापुरी निवासी एसएसबी जवान अंकित कुमार रानीघुली कोकराझार असम में 26 मई 2022 को शहीद हो गए थे। विजय हिंदुस्तानी ने बताया कि एसएसबी अधिकारियों ने अंकित की विधवा शिवानी को शीघ्र ही पेंशन तथा अन्य अनुमन्य लाभ दिलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन कई माह गुजर जाने के बावजूद शिवानी की पेंशन भी शुरू नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि वह डीएम से इस बात की गुहार लगाने के लिए पहुंचे थे।











