अपना मुज़फ्फरनगर

राज्यमंत्री कपिल देव के हस्तक्षेप के बाद बैक फुट पर आए सीएमओ, हर रजिस्टर्ड डॉक्टर के पर्चे पर मिलेगी ऑक्सीजन

मुजफ्फरनगर। स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने अपना फरमान रद्द कर दिया है। पहले MBBS डॉक्टर के पर्चे पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर दिये जाने की बाध्यता की गई थी, अब वह खत्म कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फ़ौजदार ने बताया कि जनपद में कोरोना से ग्रसित ऐसे व्यक्ति जो कि होम आइसोलेशन में रह रहे हैं उन्हे ऑक्सीजन किसी भी पंजीकृत चिकित्सक द्वारा लिखे जाने पर आसानी से मिलेगी। उन्होंने बताया कि अब जनपद में इस तरह की कोई बाध्यता नहीं है कि केवल एमबीबीएस चिकित्सक ही ऑक्सीजन पर्चे पर लिख सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महावीर सिंह फ़ौजदार ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कि वे बीमार होने पर अपना इलाज किसी भी फर्जी झोलाछाप चिकित्सक से ना कराएं वह केवल पंजीकृत चिकित्सकों से तथा सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही अपना इलाज कराएं।
गाँव मे आशा की सिफारिश पर मिलेगी ऑक्सीजन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में आशा के सहयोग से ऐसे कोविड-19 रोगी जो होम आइसोलेशन में रह रहे हैं तथा जिनकी ऑक्सीजन कम है उन्हें ऑक्सीजन आपूर्ति कराई जाएगी.उन्होंने बताया कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 150-200 घरों पर एक आशा नियुक्त है जिसको पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर विभाग की ओर से प्रदान किए गए हैं। आशा कोविड-19 के होम आइसोलेशन में मौजूद मरीजों को यदि ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है तो आशा के द्वारा मरीज का ऑक्सीजन लेवल जांच किया जाएगा तथा ऐसे रोगी जिनका ऑक्सीजन कम होगा उन्हें संबंधित ब्लाक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के द्वारा स्वयं वर्चुअल सत्यापन कर मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज को आसानी से ऑक्सीजन मिल सकेगी ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महावीर सिंह फ़ौजदार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो मरीज होम आइसोलेशन में रह रहे उन व्यक्तियों को आसानी से ऑक्सीजन उपलब्ध हो सके इसके लिए प्रतिदिन प्रत्येक ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर 10-10 ऑक्सीजन सिलेंडर देने की व्यवस्था की गई है, इससे नागरिकों को ऑक्सीजन सिलेंडर लेने में सुलभता होगी तथा वह अपने गांव के ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र से ही ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे।

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