पीड़ित परिवार को सांत्वना देने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने बैरंग लौटाया

UP के जिला मेरठ में मुज़फ्फरनगर निवासी युवक रानू कश्यप की जिंदा जलाकर हत्या किए जाने के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने मुज़फ्फरनगर की भंगेला चेक पोस्ट पर रोक लिया। प्रशासन की रोक के चलते वे पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं कर सके।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय लखनऊ से मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुए थे। वे 5 जनवरी 2026 को नृशंस तरीके से हत्या कर जला दिए गए रीनू कश्यप उर्फ सोनू (पुत्र स्व. सुरेंद्र कश्यप) के परिजनों से मिलने जा रहे थे। कांग्रेस का कहना है कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी होकर न्याय की मांग को मजबूती से उठाना चाहती है।
प्रशासनिक रोक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान सईद और पूर्व सांसद सईदुजमा ने वीडियो कॉल के माध्यम से अजय राय की पीड़ित परिवार से बातचीत कराई। वीडियो कॉल के जरिए अजय राय ने परिवार को आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी इस दुख की घड़ी में उनके साथ है और न्याय दिलाने की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिले, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, सुरक्षा प्रदान की जाए और मामले की जांच CBCID से कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यह दौरा राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश पर किया गया था, लेकिन प्रशासनिक कारणों से उन्हें रोका गया।
इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, जिला अध्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक रोक के चलते अजय राय को अंततः लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह मामला लखनऊ में जोर-शोर से उठाया जाएगा।
कांग्रेस ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि वह पीड़ितों को न्याय दिलाने की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी। मौके पर अनमोल जैन, दिनेश पाल, उमर एडवोकेट, अफसर, फखरुद्दीन और मनसब चौधरी सहित कई नेता मौजूद रहे।




