भारत के खोये गौरव को पुन:स्थापित करेगी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति: प्रो. श्रीप्रकाश सिंह

UP मे एम. एम. एच. कॉलेज, ग़ाज़ियाबाद में नई शिक्षा नीति पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्टी के दूसरे दिन समापन सत्र में
मुख्य वक्ता के रूप मे प्रो. सारिका शर्मा ने कहा कि “नई शिक्षा नीति भारत को विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा करेगी। नई नीति देश को विकसित भारत बनाने की दिशा मे बढायेगी। जिसके लिए छात्रों पर विशेष फोकस करने की जरूरत है। मेंटर्शिप इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभा सकती है। वही सत्र के विशिष्ट अतिथि प्राचार्य प्रो अरुण कुमार, ए. एस. कॉलेज मवाना ने अपने उद्भोदन में कहा कि हमें विधार्थियों के साथ विनम्र व्यवहार करना चाहिए।

मुख्य अतिथि कुलपति हेमवती नंदन बहुगुणा विश्विधालय, उत्तराखंड प्रो. श्रीप्रकाश जी ने अपने अतिथि व्याख्यान में कहा कि नई शिक्षा नीति को देश के लिए मील का पत्थर सिद्ध होने वाली बताया। हम साबको इसके लिए समर्पित होकर काम करना होगा। सत्र के विशिष्ट वक्ता दिल्ली विश्वविधालय के शिक्षक शिक्षा विभाग के डॉ प्रवीण तिवारी ने कहा कि देश की यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति को भारतीय परंपरागत मूल्यो की पुनरस्थापना के लिए प्रेरक बताया।
सत्र की अध्यक्षता कर रहे महाविधालय के प्राचार्य प्रो. संजय सिंह ने ने कहा कि सरकार द्वारा बनाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियानवयन का पूरा दारोमदार हम शिक्षकों के उपर है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की रिपोर्ट जंतु विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्षा ने प्रस्तुत की। दो दिन में विभिन्न सत्रों का संचालन किया गया। जिनमें लगभग 180 शोध पत्रों का वाचन हुआ। संगोष्टी में देश के विभिन्न राज्यों से शोधर्थी और शिक्षागण सहभागिता करने आये। महाविधालय के सभी विभागों के शिक्षक और शोधार्थी उपस्थित रहे। समापन सत्र का संचालन डॉ मंजु भास्कर और प्रो. रोज़ी मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के अंत में महाविधालय के प्राचार्य ने सभी का आधार व्यक्त किया।