मुज़फ्फरनगर। फारूक मॉडर्न पब्लिक स्कूल में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के लिए एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक से हुई। इसके बाद बच्चों ने नात-ए-पाक और नज़्म पेश कर माहौल को खुशनुमा बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन अध्यापिका रेशमा खान और दिलशाद ने किया, जबकि अध्यक्षता मंज़ूर अली ने की।
विद्यालय में अपनी-अपनी कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं—अनाबिया, अहनाफ, सनाया, इनाया, मोहम्मद, शुमायला, असद, शिफा परवीन, मरियम, मोहम्मद कादिर, तल्हा खान, साहिल, रुखसार, हुमैरा, फ़राज़ी, सिदरा नाज़।
द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं—उम्मे ऐमन, हलीमा वसीम, नमीरा, इब्राहिम, इलमा, उम्मै हानी, साद, हुमेरा, उम्मे हानी, ज़ोया, आमना, मुबश्शिरा, अक़दस, रिज़ा परवीन, जैनब, ईशा।
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं—मरियम, इनाया, माहिरा, ज़िक्रा, फ़ायज़ा अंसारी, आयशा, जैनब, नौशीन, मरियम, नमरा रानी, सबा रानी, ईशान, उवैस, अन्हा बानो, जुवेरिया, अलीशा।

तालीम इंसान के जीवन की रोशनी..
मुख्य अतिथि समाजसेवी तहसीन अली असारवी ने कहा कि तालीम इंसान के जीवन की वह रोशनी है, जो उसे सही और गलत का फर्क समझाती है। शिक्षा केवल किताबों का ज्ञान नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार और समाज सेवा की भावना भी सिखाती है।

विद्यालय के संस्थापक मंज़ूर अली ने कहा कि किसी भी मां के लिए सबसे बड़ा इनाम उसके बच्चे की कामयाबी होती है, इसलिए माताओं को बच्चों की तालीम में विशेष ध्यान देना चाहिए।
अंत में प्रधानाचार्य मोहम्मद आसिफ ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही विद्यालय के समस्त स्टाफ को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रेशमा खान, सानिया, आसमीन, शमा, समरीन, मुस्कान, तस्मिया आदि का विशेष योगदान रहा।












