UP के मुज़फ्फरनगर मे भारतीय किसान यूनियन (शिक्षक प्रकोष्ठ) द्वारा ज्ञान स्थली पब्लिक स्कूल, मीरापुर में मंगलवार को ए.आर.पी. एवं सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान में एक गरिमामय एवं प्रेरणादायक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्तमान शिक्षकों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित कर उनके दीर्घकालिक योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

समारोह में शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र सिंह, कार्यालय प्रमुख (पश्चिम उत्तर प्रदेश) विनेश कुमार, जिला अध्यक्ष मुजफ्फरनगर राम रतन, जिला महामंत्री अमित शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार गौड़, विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपक धीमान एवं सभा अध्यक्ष सिद्दीकी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का संचालन पुष्पराज पंवार द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र कुमार कोठारी, ब्लॉक महामंत्री कुलदीप यादव, विकास कौशिक, दिलशाद, रजत पंवार, कुलदीप कुमार, राजीव वर्मा, पुनीत अग्रवाल, सुनील कुमार, चंद्रशेखर, कृष्णपाल, सुधा देवी, निधि रानी, हरभजन सिंह, जितेंद्र कुमार, सुजाता मित्रोलिया, विकास कुमार, वेद प्रकाश, मनोज सिंह, सुनील कुमार (ए.आर.पी.), राजीव कुमार, सुनीता देवी, राजेश कटारिया, नेहा पुंडीर, अंशु शर्मा, शिवा कुशवाह, मिनिका रानी, संदीप कुमार सहित समस्त अध्यापक, अध्यापिकाएं, शिक्षा मित्र एवं अनुदेशक शामिल रहे।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक ताहिर कुरैशी, शिवकुमारी, वीना शर्मा, आशीफा बैगम, शमा इशरत, नरेश कुमार, प्रमोद कुमार एवं प्रतिभा शर्मा को सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट योगदान को नमन किया गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में शिक्षकों को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए उनके योगदान को अमूल्य बताया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। यह समारोह शिक्षकों के सम्मान और प्रेरणा का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

सम्मान की परंपरा ने जोड़ी नई पीढ़ी से कड़ी
ज्ञान स्थली पब्लिक स्कूल में आयोजित सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह नई और पुरानी पीढ़ी के शिक्षकों के बीच अनुभव और प्रेरणा का सेतु बन गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान के दौरान कई ऐसे भावुक क्षण भी देखने को मिले, जब वर्तमान शिक्षक और छात्र उनके योगदान को याद कर भावुक हो उठे।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए और बदलते शिक्षा परिवेश पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद किस प्रकार उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखा और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार किया। उनके अनुभवों ने युवा शिक्षकों को नई ऊर्जा और दिशा देने का कार्य किया।
वहीं, युवा शिक्षकों ने भी वरिष्ठ शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सीख और मार्गदर्शन आज भी शिक्षा जगत के लिए अमूल्य है। कार्यक्रम में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, बल्कि वह जीवनभर समाज को दिशा देता रहता है।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि यदि अनुभव और उत्साह का संगम हो, तो शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को आसानी से हासिल किया जा सकता है।














