प्रेमिका को अंतिम बार दुल्हन के जोड़े में निहारने गया था .. मिली भयावह मौत? खुली मर्डर मिस्ट्री
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के एक शादी समारोह में युवक तरुण की हत्या दुल्हन के भाईयो ने की थी। तरुण व दुल्हन की दोस्ती थी। युवक ने अंतिम बार युवती को दुल्हन के जोड़े में देखने का मन बनाया। दीवाना तरुण सीधा विवाह के मंडप में ही पहुँच गया। जहाँ दुल्हन के भाइयो ने उसे पकड़ लिया। इतना पीटा की साँसे ही टूट गई। हत्या को हादसा दिखाने के लिए उसे नग्न अवस्था में सडक पर फेंक दिया। मगर पुलिस की जाँच में हत्या का राज़ खुल गया।
पुलिस ने इस हत्याकांड में दुल्हन के दो सगे भाई वेदप्रकाश लिल्हारे और हरिप्रकाश लिल्हारे, दो चचेरे भाई कमल और किशोर सहित गांव के एक युवक योगेश को गिरफ्तार कर लिया है।

लव स्टोरी का दर्दनाक अंत….
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ शादी समारोह के दौरान एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि युवक का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपनी प्रेमिका को आखिरी बार दुल्हन के जोड़े में देखने शादी समारोह में पहुँच गया था।
मृतक युवक की पहचान तरुण के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तरुण की गांव की ही एक युवती से काफी समय से दोस्ती थी। युवती की शादी तय हो जाने के बाद भी तरुण उसे भुला नहीं पाया। शादी वाले दिन उसने अपनी प्रेमिका को अंतिम बार दुल्हन के रूप में देखने का फैसला किया और सीधे विवाह मंडप में पहुँच गया।
शादी समारोह में अचानक तरुण को देखकर दुल्हन पक्ष के लोग भड़क गए। आरोप है कि दुल्हन के भाइयों और रिश्तेदारों ने उसे पकड़ लिया और मंडप से दूर ले जाकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। गुस्से में आरोपियों ने तरुण पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला किया। मारपीट इतनी बर्बर थी कि तरुण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या के बाद आरोपी घबरा गए। पुलिस को गुमराह करने और पूरे मामले को हादसा दिखाने के लिए उन्होंने तरुण के शव को नग्न अवस्था में सड़क किनारे फेंक दिया। शुरुआत में मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था, लेकिन पुलिस ने जब घटनास्थल और शादी समारोह से जुड़े लोगों से पूछताछ की तो पूरी मर्डर मिस्ट्री खुलती चली गई।
जांच में सामने आया कि तरुण की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में दुल्हन के दो सगे भाई वेदप्रकाश लिल्हारे और हरिप्रकाश लिल्हारे, दो चचेरे भाई कमल और किशोर समेत गांव के युवक योगेश को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। एक तरफ गांव में शादी की खुशियाँ थीं, तो दूसरी तरफ प्रेम और जुनून की यह कहानी खूनी अंजाम तक पहुँच गई।
मंडप तक पहुँचा प्यार, मौत तक पहुँची दुश्मनी
बालाघाट हत्याकांड केवल एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, सामाजिक दबाव और गुस्से की खतरनाक परिणति बनकर सामने आया है। जिस शादी समारोह में खुशियाँ और नई शुरुआत का माहौल होना चाहिए था, वहीं कुछ ही घंटों में मातम पसर गया।
बताया जा रहा है कि मृतक तरुण का युवती से लंबे समय से संपर्क था। गांव में दोनों की दोस्ती की चर्चा भी होती थी। हालांकि परिवार इस रिश्ते से खुश नहीं था। समय बीतने के साथ युवती की शादी कहीं और तय कर दी गई। इसके बाद भी तरुण उसे भुला नहीं पाया।
गांव वालों के अनुसार तरुण बेहद भावुक स्वभाव का था। शादी की खबर मिलने के बाद वह कई दिनों से परेशान चल रहा था। उसने अपने दोस्तों से भी कहा था कि वह “एक आखिरी बार” युवती को दुल्हन के जोड़े में देखना चाहता है। यही चाहत उसे सीधे शादी के मंडप तक ले गई।
लेकिन मंडप में उसकी मौजूदगी दुल्हन पक्ष को नागवार गुजरी। शादी के माहौल में अचानक तनाव फैल गया। आरोप है कि दुल्हन के भाइयों ने इसे परिवार की बदनामी और इज्जत से जोड़ लिया। गुस्सा इतना बढ़ा कि बात मारपीट से होते हुए हत्या तक पहुँच गई।
घटना के बाद आरोपी इतने घबरा गए कि शव को सड़क किनारे फेंककर पूरी वारदात को हादसा या किसी और एंगल देने की कोशिश की गई। मगर पुलिस की बारीकी से की गई जांच ने पूरा सच सामने ला दिया।
इस वारदात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रिश्तों और सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर बढ़ता हिंसक गुस्सा आखिर समाज को किस दिशा में ले जा रहा है।














