मुज़फ्फरनगर के क़स्बा शाहपुर में रहने वाले युसूफ मलिक के बेटे कारोबारी आबिद मलिक की 2 वर्ष पहले झाँसी में हुई बेरहमी से हत्या के मामले में अदालत ने उसके नौकर वसीम कुरैशी निवासी शाहपुर को उम्र कैद की सजा सुनाई है। किराए के मकान में आधी रात हत्या करके शव को जला दिया गया था। सवेरे 4 बजे शव जली हुई हालत में मिला था। अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-1 सुनील कुमार यादव की अदालत ने दोषी पर विभिन्न धाराओं में अर्थदंड भी लगाया है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रवि प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि जामिया ओखला निवासी हनीफ मलिक ने 29 जुलाई 2024 को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके छोटे भाई युसुफ मलिक का बेटा आबिद मलिक मुजफ्फरनगर के शाहपुर क्षेत्र का रहने वाला था और झांसी में अपने नौकर वसीम के साथ प्लास्टिक सामान की सेल लगाकर व्यापार करता था। दोनों तलैया मोहल्ला स्थित अशफाक अहमद के मकान में किराये पर रहते थे।
तहरीर के अनुसार, 29 जुलाई की सुबह सूचना मिली कि आबिद मलिक की किराये के मकान में हत्या कर शव को जला दिया गया है। वहीं नौकर वसीम सुबह करीब चार बजे मकान में ताला लगाकर फरार हो गया। आसपास के लोगों ने उसे भागते हुए भी देखा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर वसीम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया।
जांच के दौरान पुलिस को अभियुक्त के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले। इसके बाद धारा 103(1), 238, 315 और 317(2) भारतीय न्याय संहिता-2023 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर वसीम को दोषी करार दिया। अदालत ने हत्या के अपराध में धारा 103(1) के तहत कठोर आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा धारा 238 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 315 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 317(2) के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। सभी अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
आधी रात का कत्ल, सुबह जला हुआ मिला शव… दो साल बाद मिला इंसाफ
मुज़फ्फरनगर के शाहपुर कस्बे के कारोबारी आबिद मलिक हत्याकांड में आखिरकार अदालत का फैसला आ गया। झांसी में किराये के मकान में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने उस समय इलाके में हड़कंप मचा दिया था। अब अदालत ने मामले में दोषी नौकर वसीम को उम्रकैद की सजा सुनाकर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दी है।
करीब दो वर्ष पहले झांसी के तलैया मोहल्ले में रहने वाले आबिद मलिक की आधी रात बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को जलाकर पहचान मिटाने की कोशिश की। सुबह करीब चार बजे मकान के अंदर से धुआं उठने और बदबू आने पर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई। जब लोग मौके पर पहुंचे तो कमरे के अंदर आबिद का शव जली हुई हालत में मिला।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। बताया गया कि वारदात के तुरंत बाद नौकर वसीम मकान में ताला लगाकर फरार हो गया था। कई स्थानीय लोगों ने उसे सुबह तड़के भागते हुए देखा था। इसी आधार पर शक की सुई सीधे उसी पर जा टिकी।
आबिद मलिक मूल रूप से मुज़फ्फरनगर के शाहपुर कस्बे के रहने वाले थे और झांसी में प्लास्टिक सामान की सेल लगाकर कारोबार करते थे। परिवार के अनुसार वह मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी अचानक हुई हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।
पुलिस जांच में आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य मिले, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा। सुनवाई के दौरान गवाहों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को अहम मानते हुए अदालत ने वसीम को दोषी करार दिया। अदालत ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में सजा और अर्थदंड सुनाया है।
फैसले के बाद आबिद मलिक के पिता युसूफ मलिक ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया है। परिवार का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और आखिरकार आबिद को इंसाफ मिल गया। उनका परिवार क़ातिल को फांसी की सजा चाहता था। मगर अदालत ने जो निर्णय दिया, फैमिली उस पर संतुष्ट है।














