उर्दू बेदारी फोरम के सेमिनार में आधुनिक और वैज्ञानिक शिक्षा पर दिया जोर, नई पीढ़ी की काउंसलिंग को बताया जरूरी


मुजफ्फरनगर मे सर सैयद डे के अवसर पर उर्दू बेदारी फोरम, मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में ‘सर सैयद और मुसलमानों की शिक्षा’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने सर सैयद अहमद खान के शैक्षिक योगदान को याद करते हुए आधुनिक एवं वैज्ञानिक शिक्षा को समाज की तरक्की का आधार बताया। वक्ताओं ने कहा कि सर सैयद के विचारों को आत्मसात कर नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

सेमिनार की अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मास्टर हिदायतुल्लाह खान ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला बार संघ मुजफ्फरनगर के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद वसी एडवोकेट मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उर्दू बेदारी फोरम के अध्यक्ष शहजाद अली ने किया। सेमिनार में सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और शिक्षकों ने भाग लिया।

आधुनिक शिक्षा के जरिए पिछड़ेपन को दूर करने का दिया संदेश
उर्दू बेदारी फोरम के जिला अध्यक्ष मास्टर शहजाद अली ने कहा कि सर सैयद अहमद खान ने सदियों पहले मुसलमानों के शैक्षिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए आधुनिक सोच के साथ शिक्षा का अभियान शुरू किया था। मदरसतुल उलूम के रूप में शुरू हुआ उनका प्रयास आगे चलकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय जैसे बड़े शैक्षिक संस्थान के रूप में विकसित हुआ। आज यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
संगठन के महासचिव औसाफ अहमद अंसारी ने कहा कि सर सैयद अहमद खान उपमहाद्वीप के महान शैक्षिक नेताओं में शामिल थे। उनका मानना था कि मुसलमानों की तरक्की और सामाजिक सशक्तीकरण का रास्ता आधुनिक एवं वैज्ञानिक शिक्षा से होकर गुजरता है। अलीगढ़ आंदोलन ने शैक्षिक जागरूकता पैदा कर समाज को आगे बढ़ने की दिशा दिखाई। आज भी इस मिशन को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
ह्यूमैनिटी वेलफेयर सोसाइटी के महासचिव मोहम्मद शावेज अंसारी ने सर सैयद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनके द्वारा स्थापित शैक्षिक संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने वाले लोग समाज की तरक्की और शैक्षिक पिछड़ेपन को दूर करने के प्रयासों में योगदान दे रहे हैं।

सर सैयद के जीवन पर पुस्तिका तैयार करने की जरूरत

मुख्य अतिथि मोहम्मद वसी एडवोकेट ने कहा कि सर सैयद अहमद खान ने ऐसे समय में शिक्षा का महत्व समझाया, जब आर्थिक तंगी के कारण समाज का गरीब तबका अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में कठिनाई महसूस करता था। उनके शैक्षिक मिशन ने आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक शिक्षा के रास्ते खोले। उन्होंने सर सैयद के जीवन, विचारों और सेवाओं पर एक संक्षिप्त पुस्तिका तैयार कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि यह पुस्तिका विद्यार्थियों तक पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सके।
मोहम्मद ममनून अंसारी एडवोकेट ने कहा कि आज विद्यार्थियों की शैक्षिक काउंसलिंग बेहद जरूरी है। यदि बच्चों की रुचि और योग्यता के अनुसार समय रहते उनका मार्गदर्शन किया जाए तो वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने माता-पिता, शहर और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

शिक्षा के जरिए मिशन को आगे बढ़ाने का आह्वान

अध्यक्षीय संबोधन में मास्टर हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि सर सैयद अहमद खान के प्रति सच्ची अकीदत यही है कि उनके शैक्षिक मिशन को लगातार आगे बढ़ाया जाए। समाज के सभी शैक्षिक संस्थानों में बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयास होने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां ज्ञान और आधुनिक सोच के साथ तरक्की कर सकें।
कार्यक्रम में मोहम्मद हुसैन त्यागी, मोहम्मद ओवैस, डॉ. रियाज, फसीहुद्दीन, बाबू इनाम, मोहम्मद असद और मास्टर शाहबाद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।