वैश्विक चुनौतियों के बीच गांधी दर्शन आज भी प्रासंगिक

वैश्विक चुनौतियों के बीच गांधी दर्शन आज भी प्रासंगिक
युद्ध, आतंकवाद, पर्यावरण संकट और आर्थिक असमानता से निपटने में गांधी के विचार उपयोगी : डॉ. राजीव रंजन गिरी

गाजियाबाद। एमएमएच कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में बुधवार को ‘वैश्विक चुनौतियाँ और गांधी दर्शन’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. राजीव रंजन गिरी ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में गांधीवादी विचारों की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. राजीव रंजन गिरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया आतंकवाद, युद्ध, पर्यावरण संकट, आर्थिक असमानता और मानवीय मूल्यों के ह्रास जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे समय में महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, सर्वोदय और ट्रस्टीशिप का दर्शन महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गांधीवादी विचारों के माध्यम से विश्व में शांति, सामाजिक समरसता और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार सिंह ने की। उन्होंने छात्रों से गांधीजी के विचारों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपने व्यवहार और जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रो. प्रकाश चौधरी, डॉ. आर.एस. यादव, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. अर्चना सिंह सहित विभाग के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभाग के करीब 300 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभागिता की।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. सीमा रानी ने किया। अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. संजय मिश्रा ने मुख्य वक्ता, महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।