रात के अंधेरे में लड़की की अस्मत रौदने वाले को 10 साल की कड़ी सजा व जुर्माना भी

मुजफ्फरनगर में रात के अंधेरे में छत पर सोई किशोरी को हवस का शिकार बनाने वाले बलात्कारी को अदालत ने दस साल की कठोर सजा सुनाते हुए 21 हजार का जुर्माना भी किया हैं। पोक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक दिनेश कुमार शर्मा व मनमोहन वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 नवम्बर 2017 को रतनपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम रियावली नंगला में यह वारदात हुई थी। 15 साल की पीडि़ता अपने घर की छत पर सोई हुई थी। पडौसी रिजवान अचानक ही छत पर पहुंचा और किशोरी को डरा धमकाकर हवस का शिकार बनाया। आरोपी रिजवान की परचून की दुकान थी। सुबह के समय किशोरी उसकी दुकान पर अंडे खरीदने गई तो आरोप था कि रिजवान ने किशोरी को धक्का देकर गिरा दिया, जिससे उसे चोट आयी। जिसके बाद किशोरी ने अपने परिजनो को बीती रात हुई घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रिजवान ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी रिजवान के खिलाफ धरा 376 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। रिजवान को जेल भेजा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। विशेष लोक अभियोजक पोक्सो दिनेश शर्मा व मनमोहन वर्मा ने इस मामले में विशेष अपर सत्र न्यायधीश पोस्को एक्ट संजीव कुमार तिवारी की अदालत में इस मामले की मजबूती के साथ पैरवी की।
आठ गवाह पेश किये गये जिसमें मंगलवार को रिजवान को दोष सिद्ध साबित करते हुए अदालत ने दस साल की सजा सुनाई है। इसी के साथ दुष्कर्मी 26 वर्षीय रिजवान पुत्रा अबरार निवासी रियावली नंगला थाना रतनपुरी को पुलिस ने हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया हैं।
10 साल की सजा सुनाई गई
लड़की को को घर में अकेला पाकर दुष्कर्म का शिकार बनाने वाले युवक को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। दस साल का कठोर कारावास व तीस हजार का जुर्माना भी लगाया गया हैं। विशेष अपर सत्र न्यायधीश श्रीमति आरती फौजदार ने खतौली के इस मामले में सुनवाई के दौरान यह सजा सुनाई। विशेष लोक अभियोजक विक्रांत राठी, दिनेश शर्मा, मनमोहन वर्मा व प्रदीप बालियान ने इस मामले की पैरवी कोर्ट में की। विशेष लोक अभियोजक मनमोहन वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आठ दिसम्बर 2015 को 15 साल की बालिका घर में अकेली थी। उसकी मां बाजार गई हुई थी। इस बीच सादिक पुत्र नासिर निवासी मौहल्ला इस्लामाबाद खतौली ने घर पहुंचकर दरवाजा खटखटाया, बालिका ने गेट खोला तो आरोपी ने घर में घुसकर अंदर से गेट बंद कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बालिका व उसके माता-पिता की हत्या की धमकी देते हुए आरोपी सादिक ने बालिका को हवस का शिकार बनाया। इस मामले में पुलिस ने सादिक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। उसे जेल भेजा गया। सुनवाई के दौरान विशेष अपर सत्र न्यायाधीश आरती फौजदार के समक्ष अभियोजन पक्ष ने छह गवाह पेश किये। जिससे यह घटना साबित हुई। इसी के साथ सादिक को दस साल की कठोर सजा व तीस हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया हैं।




