अपना मुज़फ्फरनगर

रिश्वत न मिलने पर सरकारी अस्पताल में जच्चा को बनाया बन्दी

साहिब ना कहना मैं क्या करूँ………………???

मोरना के सरकारी अस्पताल में गरीब मज़दूरों से रिश्वत लेकर होता है महिलाओं का प्रसव

(काज़ी अमजद अली)

मुज़फ्फरनगर : गरीब महिलाओं को सुरक्षित व निःशुल्क प्रसव की सुविधा स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाती है तथा प्रसव के उपरांत ग्रामीण महिला को 1500 रुपये सहायता के रूप में प्रदान किये जाते हैं। किन्तु मोरना के सरकारी अस्पताल में सच्चाई इसके विपरीत है यहाँ गरीब महिलाओं से प्रसव के लिये 1600 रुपये की रिश्वत ली जा रही है न देने पर जच्चा को बंधक बना लिया जाता है या केस बिगाड़ने की धमकी देकर टॉर्चर किया जाता है । महिला चिकित्सक द्वारा धड़ल्ले से किये जा रहे कारोबार ने स्वास्थ्य विभाग की नाक कटाने के साथ साथ शासन प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिये हैं ।

मुज़फ्फरनगर जिला मुख्यालय से 24 कि.मी. दूर गाँव मोरना में स्थित प्रार्थमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर गरीब महिलाओं से प्रसव के बाद रिश्वत लेने का मामला प्रकाश में आया है। गुड़ कोल्हू में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले मजदूरों ने बताया कि रिश्वत न देने पर जच्चा को सारी रात अस्पताल में इसलिये रोक लिया गया कि उसके पास चिकित्सक को देने के लिये रिश्वत के पूरे पैसे नहीं थे ब्लॉक् क्षेत्र के गाँव सीकरी के मजरे खुशीपुरा निवासी फैय्याज मेव का परिवार भोकरहेड़ी में स्थित गुड़ कोल्हू में मजदूरी करता है फैय्याज के पुत्र फरीद की पत्नी तालिबा को प्रसव के लिये मोरना स्थित प्रार्थमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाया गया जहाँ उसने एक बालिका को जन्म दिया प्रसव के बाद प्रसव करने वाली महिला चिकित्सक ने उससे 1600 रुपये सही व सफल प्रसव कराने के नाम पर लिये गये फैय्याज ने बताया कि आदिल की पत्नी मुनारा का पिछले माह मोरना के प्रार्थमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर हुआ था तब प्रसव कराने वाली महिला चिकित्सक ने उनसे 1600 रुपये तो उसके पास मात्र 600 रुपये थे उसने सुबह गुड़ कोल्हू के संचालक से लाकर देने को कहा किन्तु आधी रात को महिला चिकित्सक ने कहा कि जब तक वह बाकी के 1000 रुपये नही देंगे तब तक वह जच्चा को अस्पताल से नही जाने देंगे आधी रात को मज़दूर 1000 रुपये का इंतज़ाम न कर सका तो जच्चा व बच्चा को वही अस्पताल में बंधक बनाकर रखा गया सुबह मज़दूर गुड़ कोल्हू के मालिक से पैसे लेकर अस्पताल पहुंचा तथा जच्चा व बच्चा को आज़ाद कराकर लाया। इससे पूर्व में भी महिला चिकित्सक पर आरोप लगे थे जिसके बाद महिला चिकित्सक ने जिले पर सांठगांठ कर मामला रफा-दफा करवा दिया था भोकरहेड़ी में गुड़ कोल्हू बड़ी संख्या में चलते हैं कोल्हुओं में बड़ी संख्या में खाना बदोश परिवार मजदूरी करते हैं तथा अस्थाई रूप से इन गुड़ कोल्हुओं में झोंपड़ियां बनाकर रहते हैं। महिला मुनीज़ा ने बताया की महिलाएं प्रसव के लिये मोरना के सरकारी अस्पताल में जाती हैं बिना इनाम दिये जच्चा को वहाँ से नही ला सकते अगर सरकार द्वारा मुफ्त प्रसव की बात पूछी जाती है तो स्टाफ गलियां देता है।तथा केस बिगाड़ देने की धमकी दी जाती है ।अब तो सभी को पता है कि रिश्वत दिये बिना प्रसव नही होता। वहीं अस्पताल में प्रसव कराने आई महिलाओं ने दबी ज़बान में बताया कि महिला चिकित्सक रिश्वत न देने पर मुज़फ्फरनगर रैफर करने की बात कहती है महिला चिकित्सक कहती है कि प्राइवेट अस्पताल में बीस पच्चीस हजार का खर्च आता है अगर 1500–2000 दे देगे तो क्या बड़ी बात है फिर 1500 रुपये तो विभाग भी देगा अपने दिये ही तो मांग रहे हैं ।

धड़ल्ले से हो रहे इस रिश्वत के कारोबार में कितने और कौन कौन शामिल हैं महिला चिकित्सक द्वारा ली जा रही रिश्वत की रकम में कौन कौन हिस्सेदार है ये सब अभी जाँच का विषय है किन्तु स्वास्थ्य विभाग की नाक कटाने के साथ साथ सरकार पर बदनामी का टीका लगवाने वालों पर कड़ी कार्रवाई ज़रूर बनती है । वहीं इस बाबत केन्द्र पर तैनात प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.अर्जुन सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नही है । मामले की जाँच की जायेगी ।

—————————————-

नही मिल रही प्रसव के बाद कि रकम

सरकार गरीब जनता की मदद के दावे कितने भी करे ज़मीन पर सच्चाई कुछ और ही है ।प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिला को 1500 रुपये व शहरी क्षेत्र की महिला को 1000 रुपये की राशि सहायता रूप में दी जाती है किन्तु फिलहाल ये रकम जच्चा को नही मिल पा रही है सीकरी निवासी महिला ने बताया कि बेटे की बहु का प्रसव मोरना के सरकारी अस्पताल में दो माह पहले हुआ था आज तक उन्हें कोई सहायता राशि नही मिली है ।कई बार वह अस्पताल के चक्कर लगा चुकी हैं । प्रभारी चिकित्सक डॉ.अर्जुन सिंह ने बताया कि एक माह के भीतर जननी सुरक्षा योजना का लाभ महिला को मिल जाता है किन्तु वर्तमान में धनराशि ऊपर से ही नही आ रही है इसलिये भुगतान नही हो पा रहा है ।

 

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!
Open chat