सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली सरकार ने एक बार फिर स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ऐलान करते हुए कहा कि राजधानी दिल्ली में कल यानी शुक्रवार से अगले आदेश तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। राय ने कहा कि प्रदूषण बढ़ रहा है जिस वजह से से ये फैसला लिया गया है। इससे पहले दिल्ली स्कूलों को सरकार ने 29 नवंबर से खोलने के आदेश दिया था। 29 नवंबर से पहले प्रदूषण के चलते ही स्कूलों को बंद रखा था।इसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा था कि प्रदूषण के दिनों में स्कूल क्यों खोले गए??
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा है कि जब कर्मचारियों के लिए वर्क फ्राम होम (WFH) है तो बच्चों के स्कूल क्यों खोले गए। चीफ चस्टिस ने कहा कि 3-4 साल के बच्चे स्कूल जा रहे हैं,आपने स्कूल बंद क्यों नहीं किए?
दिल्ली व एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति-
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा की गति धीमी होने के चलते प्रदूषण तत्व जमा होंगे, जिससे आने वाले 1-2 दिन वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है. दिल्ली में आज (2 दिसंबर) सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 342 रहा, जबकि नोएडा में एक्यूआई 543 और गुरुग्राम में एक्यूआई 339 दर्ज किया गया. इससे पहले बुधवार (1 दिसंबर) को सुबह नौ बजे दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 357 रहा, जबकि मंगलवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 328 रहा था. पड़ोसी फरीदाबाद में एक्यूआई 342, गाजियाबाद में 361, ग्रेटर नोएडा में 310, गुड़गांव में 359 और नोएडा में 336 दर्ज किया गया।बता दें कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शून्य से 50 के बीच रहने पर हवा को अच्छा माना जाता है, जबकि 51 और 100 के बीच एक्यूआई ‘संतोषजनक’ श्रीणी में माना जाता है. वहीं एक्यूआई जब 101 और 200 के बीच रहता है प्रदूषण को ‘मध्यम’, जबकि 201 और 300 के बीच इसे खराब माना जाता है. 301 और 400 के बीच हवा को ‘बेहद खराब’ माना जाता है, जबकि 401 और 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है.














